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*एक पौराणिक कथा* एक समय की बात है, एक छोटे से गाँव में एक झाड़ू लगाने वाला व्यक्ति रहता था। वह रोज़ गाँव के सारे घरों में झाड़ू लगाता था और बदले में थोड़े पैसे या अनाज लेता था। वह बहुत ही गरीब था, लेकिन उसका हृदय बहुत ही पवित्र था। एक दिन, जब वह एक घर में झाड़ू लगा रहा था, तो उसने भगवान कृष्ण की मूर्ति के सामने फूल और दीपक जलते हुए देखे। वह बहुत प्रभावित हुआ और भगवान कृष्ण की मूर्ति के सामने हाथ जोड़कर प्रणाम किया। *भगवान कृष्ण का आशीर्वाद* उसके बाद, जब वह झाड़ू लगा रहा था, तो उसने मन ही मन भगवान कृष्ण से कहा, "हे प्रभु, मैं आपकी सेवा करना चाहता हूँ, लेकिन मेरे पास कुछ नहीं है। मैं आपके लिए क्या कर सकता हूँ?" भगवान कृष्ण ने उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर उसे दर्शन दिए और कहा, "तुम्हारी भक्ति और सेवा भाव से मैं बहुत प्रसन्न हूँ। तुम्हारी झाड़ू लगाने की सेवा भी मेरे लिए बहुत मूल्यवान है।" *सीख* इस कथा से हमें यह सीखने को मिलता है कि भगवान को किसी भी प्रकार की सेवा और भक्ति स्वीकार है, चाहे वह किसी भी रूप में हो। भगवान के लिए सबसे महत्वपूर्ण है हमारे हृदय की पवित्रता और सेवा भाव। *आपके लिए प्रार्थना* भगवान कृष्ण की कृपा आप पर सदा बनी रहे और आपके जीवन में सुख-शांति और प्रेम का वास हो। भगवान कृष्ण आपको जीवन की चुनौतियों का सामना करने की शक्ति और बुद्धिमत्ता दें। 🌞 *जय श्री कृष्ण! 🙏*

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