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_🎯 एक अनोखी विद्या_ __अवधान__ 🙏🏽 *अवधान क्या है?* *अवधान* संस्कृत का शब्द है जिसका अर्थ है - "ध्यान देना, एक साथ कई चीज़ों पर एकाग्रता रखना"। ये एक प्राचीन भारतीय मानसिक कला है जिसमें एक व्यक्ति _एक ही समय में कई अलग-अलग काम_ करता है, और हर काम में 100% ध्यान देता है। *अवधान करने वाला क्या-क्या करता है?* एक अवधानी पंडित एक साथ ये सब कर सकता है: 1. *8-10 लोगों के सवालों का जवाब* अलग-अलग विषयों पर - एक से कविता, दूसरे से गणित, तीसरे से शतरंज 2. *एक हाथ से लिखना, दूसरे से चित्र बनाना* 3. *पीछे से कोई श्लोक बोले तो उसे उल्टा सुनाना* 4. *बीच-बीच में गणित के सवाल हल करना* 5. *संगीत की ताल पर कविता रचना* और सबसे बड़ी बात - कोई गलती नहीं करता! *क्यों इतनी दुर्लभ है?* कहते हैं पूरे भारत में आज 100 से भी कम लोग ही सच्चे अवधानी बचे हैं। इसका कारण: - *10-15 साल की कठोर साधना* लगती है - *स्मृति, एकाग्रता, बुद्धि* तीनों का चरम स्तर चाहिए - *संस्कृत, गणित, काव्य, संगीत* सबका ज्ञान होना जरूरी *प्रसिद्ध अवधानी* - *चल्लपिल्ला वेंकट शास्त्री* - आंध्र प्रदेश के, 16 अवधान करने वाले - *डॉ. मेदसानी मोहन* - आज के समय के सबसे प्रसिद्ध अवधानी - पहले राजाओं के दरबार में अवधान सभा होती थी। पंडित अपनी विद्या दिखाकर राजा से सम्मान पाते थे *आज की भाषा में* अवधान को हम "Multi-tasking का महागुरु" कह सकते हैं। पर आज का multi-tasking सिर्फ 2-3 काम है। अवधान में एक साथ 20-30 काम, वो भी काव्य और गणित के साथ! ये विद्या हमें सिखाती है कि _मन को साध लिया जाए तो असंभव भी संभव है।_

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