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*🌹पितृपक्ष 2026: 26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध, फिर प्रतिपदा तिथि से मुख्य पितृपक्ष क्यों? समझें पूरा नियम🌹* 💐💐💐💐💐💐💐💐💐 *⭕पितृपक्ष हिंदू धर्म में पूर्वजों को याद करने और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का खास समय माना जाता है. इस दौरान लोग अपने पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे धार्मिक कर्म करते हैं.* *हर साल पितृपक्ष की शुरुआत और समाप्ति तिथियों को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल रहते हैं. खासकर तब, जब पूर्णिमा श्राद्ध और मुख्य पितृपक्ष की शुरुआत अलग-अलग तारीखों पर हो. पंचांग के अनुसार, 26 सितंबर 2026, शनिवार को भाद्रपद पूर्णिमा श्राद्ध होगा. इसके अगले दिन यानी 27 सितंबर 2026, रविवार से आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू होगी और इसी के साथ मुख्य पितृपक्ष यानी महालया पक्ष माना जाएगा. ऐसे में सवाल है कि अगर 26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध है तो फिर 27 सितंबर से मुख्य पितृपक्ष क्यों शुरू हो रहा है? आइए आसान भाषा में इसके पीछे के नियमों को समझते हैं.* *⚜️26 सितंबर को है पूर्णिमा श्राद्ध* *卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐* पंचांग के अनुसार, 26 सितंबर 2026 को भाद्रपद पूर्णिमा है. इस दिन उन पूर्वजों का श्राद्ध किया जाता है जिनका निधन पूर्णिमा तिथि को हुआ था. यानी अगर परिवार में किसी व्यक्ति की मृत्यु पूर्णिमा तिथि को हुई थी तो उनका श्राद्ध पितृपक्ष के दौरान पूर्णिमा श्राद्ध के दिन किया जा सकता है. इसे पितृपक्ष का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है, क्योंकि इसके बाद मुख्य श्राद्ध पक्ष की शुरुआत होती है. इस दिन सभी पूर्वजों का श्राद्ध करने का नियम नहीं है. जिस पूर्वज की मृत्यु पूर्णिमा तिथि को हुई हो, उनके लिए ही पूर्णिमा श्राद्ध किया जाता है. *⚜️फिर 27 सितंबर से मुख्य पितृपक्ष क्यों?* *卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐* 26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध के बाद अगले दिन यानी 27 सितंबर 2026 से आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू होगी. इसी प्रतिपदा से मुख्य पितृपक्ष या महालया पक्ष की शुरुआत मानी जाती है. इस दिन उन परिजनों का श्राद्ध किया जाता है जिनका निधन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को हुआ हो. इसके बाद द्वितीया, तृतीया, चतुर्थी आदि तिथियों के अनुसार संबंधित पूर्वजों का श्राद्ध किया जाता है. यही वजह है कि 26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध होने के बावजूद मुख्य पितृपक्ष की शुरुआत 27 सितंबर से मानी जाती है. *⚜️पितृपक्ष 2026 कब से कब तक रहेगा?* *卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐* साल 2026 में पितृपक्ष को लेकर दो तारीखें खास तौर पर ध्यान रखने वाली हैं. 26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध होगा, जबकि 27 सितंबर से आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा के साथ मुख्य पितृपक्ष शुरू होगा.पितृपक्ष का समापन 10 अक्टूबर 2026 को सर्व पितृ अमावस्या के साथ होगा. सर्व पितृ अमावस्या का दिन उन पूर्वजों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है, जिनकी श्राद्ध तिथि ज्ञात न हो या किसी कारण से उनकी निर्धारित तिथि पर श्राद्ध न किया जा सका हो. *⚜️पूर्णिमा श्राद्ध और प्रतिपदा श्राद्ध में क्या अंतर है?* *卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐* पूर्णिमा श्राद्ध और प्रतिपदा श्राद्ध को लेकर अक्सर लोगों को भ्रम होता है. दोनों के बीच सबसे बड़ा अंतर तिथि का है. 26 सितंबर को होने वाला पूर्णिमा श्राद्ध उन पूर्वजों के लिए है जिनका निधन पूर्णिमा तिथि को हुआ था. वहीं 27 सितंबर को प्रतिपदा श्राद्ध उन लोगों के लिए होगा जिनका निधन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को हुआ था. *🚩#राम_राम_जी🚩* 🙏🏻🙏🏻🙏🏻 💐💐💐💐💐💐💐💐💐

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