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*📜 अमर शहीद श्री दामोदर हरी चापेकर स्मृति दिवस 📜* अमर शहीद दामोदर हरी चापेकर का बलिदान दिवस 18 अप्रैल को मनाया जाता है। 18 अप्रैल 1898 को उन्हें ब्रिटिश हुकूमत द्वारा फांसी दी गई थी। *दामोदर हरी चापेकर के बारे में मुख्य बातें:* *परिचय:* दामोदर हरि चापेकर (25 जून 1869 - 18 अप्रैल 1898) भारत के पुणे के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। वे 'चापेकर बंधुओं' (दामोदर, बालकृष्ण और वासुदेव) में सबसे बड़े थे। *क्रांतिकारी कदम:* 22 जून 1897 को उन्होंने अपने भाइयों के साथ मिलकर पुणे में ब्रिटिश प्लेग कमिश्नर डब्ल्यू.सी. रैण्ड (W.C. Rand) की गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह कार्रवाई रैण्ड द्वारा प्लेग के दौरान भारतीयों के साथ किए गए दुर्व्यवहार के विरोध में की गई थी। *प्रेरणा:* चापेकर बंधु लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के विचारों से अत्यधिक प्रभावित थे। *बलिदान:* ब्रिटिश पुलिस ने उन्हें पुणे में गिरफ्तार कर बंबई (मुंबई) की जेल में डाल दिया था, जहाँ से बाद में उन्हें फांसी की सजा दी गई। *तीनों भाइयों का बलिदान:* दामोदर हरि चापेकर के बाद, उनके भाइयों बालकृष्ण हरि चापेकर और वासुदेव हरि चापेकर को भी बाद में 1899 में फांसी दी गई। 18 अप्रैल को भारत माता के इस सपूत को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।

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