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SHREE SHARMA

414 days ago

#गणपति_अष्टोत्तरशतनाम!! (गणेश भगवान के 108 नाम।) उनकाे प्रणाम करते हुए पूजन करना जोकि सरल है और हर कोई कर सकता है । आप इन नाम का उच्चारण करने के बाद हर बार नम: बोलते समय अपनी श्रद्धा अनुसार फूल, अक्षत (साबुत चावल के दाने) अष्टगंध, दूर्वा , चंदन या जो आपकी श्रद्धा हो वह चढ़ा सकते हैं।इस प्रकार से बेहद सरलता से आप गणेश भगवान का पूजन संपन्न कर पाएंगे । 1 गं विनायकाय नम: ॥ 2 गं द्विजप्रियाय नम: ॥ 3 गं शैलेंद्र तनुजोत्संग खेलनोत्सुक मानसाय नम: ॥ 4 गं स्वलावण्य सुधा सार जित मन्मथ विग्रहाय नम: ॥ 5 गं समस्तजगदाधाराय नम: ॥ 6 गं मायिने नम: ॥ 7 गं मूषकवाहनाय नम: ॥ 8 गं हृष्टाय नम: ॥ 9 गं तुष्टाय नम: ॥ 10 गं प्रसन्नात्मने नम: ॥ 11 गं सर्व सिद्धि प्रदायकाय नम: ॥ 12 गं अग्निगर्भच्छिदे नम: ॥ 13 गं इंद्रश्रीप्रदाय नम: ॥ 14 गं वाणीप्रदाय नम: ॥ 15 गं अव्ययाय नम: ॥ 16 गं सिद्धिरूपाय नम: ॥ 17 गं शर्वतनयाय नम: ॥ 18 गं शर्वरीप्रियाय नम: ॥ 19 गं सर्वात्मकाय नम: ॥ 20 गं सृष्टिकत्रै नम: ॥ 21 गं विघ्नराजाय नम: ॥ 22 गं देवाय नम: ॥ 23 गं अनेकार्चिताय नम: ॥ 24 गं शिवाय नम: ॥ 25 गं शुद्धाय नम: ॥ 26 गं बुद्धिप्रियाय नम: ॥ 27 गं शांताय नम: ॥ 28 गं ब्रह्मचारिणे नम: ॥ 29 गं गजाननाय नम: ॥ 30 गं द्वैमातुराय नम: ॥ 31 गं मुनिस्तुत्याय नम: ॥ 32 गं गौरीपुत्राय नम: ॥ 33 गं भक्त विघ्न विनाशनाय नम: ॥ 34 गं एकदंताय नम: ॥ 35 गं चतुर्बाहवे नम: ॥ 36 गं चतुराय नम: ॥ 37 गं शक्ति संयुक्ताय नम: ॥ 38 गं लंबोदराय नम: ॥ 39 गं शूर्पकर्णाय नम: ॥ 40 गं हस्त्ये नम: ॥ 41 गं ब्रह्मविदुत्तमाय नम: ॥ 42 गं कालाय नम: ॥ 43 गं गणेश्वराय नम: ॥ 44 गं ग्रहपतये नम: ॥ 45 गं कामिने नम: ॥ 46 गं सोम सूर्याग्नि लोचनाय नम: ॥ 47 गं पाशांकुश धराय नम: ॥ 48 गं चण्डाय नम: ॥ 49 गं गुणातीताय नम: ॥ 50 गं निरंजनाय नम: ॥ 51 गं अकल्मषाय नम: ॥ 52 गं स्वयं सिद्धाय नम: ॥ 53 गं सिद्धार्चित पदांबुजाय नम: ॥ 54 गं स्कंदाग्रजाय नम: ॥ 55 गं बीजापूर फलासक्ताय नम: ॥ 56 गं वरदाय नम: ॥ 57 गं शाश्वताय नम: ॥ 58 गं कृतिने नम: ॥ 59 गं सर्व प्रियाय नम: ॥ 60 गं वीतभयाय नम: ॥ 61 गं गतिने नम: ॥ 62 गं चक्रिणे नम: ॥ 63 गं इक्षु चाप धृते नम: ॥ 64 गं श्री प्रदाय नम: ॥ 65 गं अव्यक्ताय नम: ॥ 66 गं अजाय नम: ॥ 67 गं उत्पल कराय नम: ॥ 68 गं श्री पतये नम: ॥ 69 गं स्तुति हर्षिताय नम: ॥ 70 गं कुलाद्रिभेत्रे नम: ॥ 71 गं जटिलाय नम: ॥ 72 गं कलि कल्मष नाशनाय नम: ॥ 73 गं चंद्रचूडामणये नम: ॥ 74 गं कांताय नम: ॥ 75 गं पापहारिणे नम: ॥ 76 गं भूताय नम: ॥ 77 गं समाहिताय नम: ॥ 78 गं आश्रिताय नम: ॥ 79 गं श्रीकराय नम: ॥ 80 गं सौम्याय नम: ॥ 81 गं भक्त वांछित दायकाय नम: ॥ 82 गं शांतमानसाय नम: ॥ 83 गं कैवल्य सुखदाय नम: ॥ 84 गं सच्चिदानंद विग्रहाय नम: ॥ 85 गं ज्ञानिने नम: ॥ 86 गं दयायुताय नम: ॥ 87 गं दक्षाय नम: ॥ 88 गं दांताय नम: ॥ 89 गं ब्रह्मद्वेष विवर्जिताय नम:॥ 90 गं प्रमत्त दैत्य भयदाय नम:॥ 91 गं श्रीकण्ठाय नम: ॥ 92 गं विबुधेश्वराय नम: ॥ 93 गं रामार्चिताय नम: ॥ 94 गं विधये नम: ॥ 95 गं नागराज यज्ञोपवितवते नम: ॥ 96 गं स्थूलकण्ठाय नम: ॥ 97 गं स्वयंकर्त्रे नम: ॥ 98 गं अध्यक्षाय नम: ॥ 99 गं साम घोष प्रियाय नम: ॥ 100 गं परस्मै नम: ॥ 101 गं स्थूल तुंडाय नम: ॥ 102 गं अग्रण्यै नम: ॥ 103 गं धीराय नम: ॥ 104 गं वागीशाय नम: ॥ 105 गं सिद्धि दायकाय नम: ॥ 106 गं दूर्वा बिल्व प्रियाय नम: ॥ 107 गं अव्यक्त मूर्तये नम: ॥ 108 गं अद्भुत मूर्ति मते नम: ॥ अंत में हाथ जोड़कर प्रणाम करें और दोनों कान पकड़कर किसी भी प्रकार की त्रुटि के लिए क्षमा प्रार्थना करते हुए भगवान गणेश से अपने इच्छित मनोकामना को पूर्ण करने की याचिका करें ।

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