
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
243 days ago
आज की आरती पिण्डी स्वरूपा माता श्री वैष्णों देवी जी की,कटरा,जम्मू से माता वैष्णो देवी की आरती इस प्रकार है ¹ ² ³: *ॐ जय वैष्णो माता* जय वैष्णवी माता, मैया जय वैष्णवी माता। हाथ जोड़ तेरे आगे, आरती मैं गाता॥ शीश पे छत्र विराजे, मूरतिया प्यारी। गंगा बहती चरनन, ज्योति जगे न्यारी॥ ऊँचा पर्वत तेरा, माता प्रिय लागे। पान सुपारी ध्वजा नारियल, भेंट पुष्प मेवा। दास खड़े चरणों में, दर्शन दो देवा॥ जो जन निश्चय करके, द्वार तेरे आवे। उसकी इच्छा पूरण, माता हो जावे॥ सुंदर गुफा तुम्हारी, मन को अति भावे। बार-बार देखन को, ऐ माँ मन चावे॥ भवन पे झण्डे झूलें, घंटा ध्वनि बाजे। ऊँचा पर्वत तेरा, माता प्रिय लागे॥ ब्रह्मा वेद पढ़े नित द्वारे, शंकर ध्यान धरे। सेवक चंवर डुलावत, नारद नृत्य करे॥ इतनी स्तुति निश-दिन, जो नर भी गावे। कहते सेवक ध्यानू, सुख सम्पत्ति पावे॥ माता वैष्णो देवी की आरती करने से भक्तों की इच्छाएं पूरी होती हैं और उन्हें सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। माता वैष्णो देवी की आरती सुबह ५:१५ बजे और शाम ७:१५ बजे की जाती है ² ⁴।
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