
SHREE SHARMA
407 days ago
भगवान के बाल स्वरूप का ध्यान.. काम कोटि छबि स्याम सरीरा। नील कंज बारिद गंभीरा॥ अरुन चरन पंकज नख जोती। कमल दलन्हि बैठे जनु मोती॥ भगवान के नीलकमल और गंभीर जल से भरे हुए मेघ के समान श्याम शरीर में करोड़ों कामदेवों की शोभा है, लाल-लाल चरण कमलों के नखों की शुभ्र ज्योति ऐसी मालूम होती है जैसे लाल कमल के पत्तों पर मोती स्थिर हो गए हों.. जय सियाराम 🙏

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