
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
204 days ago
जय महाकाल! 🔱 अघोर और संन्यास परंपरा के इन उद्घोषों में एक अलग ही ऊर्जा है। "अलख निरंजन" उस परमात्मा के लिए उपयोग किया जाता है जो 'अलख' (अदृश्य) है और 'निरंजन' (अंजन या माया से रहित) है। शुभ दुपहर 🌹🙏🏻 💐🌻🌹
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