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"जननी, जन्म भूमिश्र, स्वर्गादपि, गरियसी" हे लक्ष्मण, सोने की होने पर भी यह लंका मुझे नहीं सुहाती क्योंकि मां और जन्मभूमि स्वर्ग से भी महान् होती है। ~ मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जय श्री राम 🙏 रात्रि बन्दन जी

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