
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
106 days ago
*महादेव जी को एक बार बिना कारण के किसी को प्रणाम करते देखकर पार्वती जी ने पूछा,प्रभु! आप प्राय किसको प्रणाम करते रहते हैं? शिवजी कहते हैं कि हे देवी! जो व्यक्ति एक बार 'राम' कहता है उसे मैं तीन बार प्रणाम करता हूँ। पार्वती जी ने पुनः पूछा, भगवन, आप बार-बार श्मशान- भूमि में क्यों जाते हैं और अपने अंगों पर चिता-भस्म का लेपन क्यों करते हैं?* *उसी समय शिवजी पार्वती जी को श्मशान ले गए। वहाँ एक शव अंतिम संस्कार के लिए लाया गया। लोग 'राम नाम सत्य है' कहते हुए शव को ला रहे थे।* *शिव जी ने कहा कि देखो पार्वती! इस श्मशान भूमि की ओर जब लोग आते हैं तो 'राम' नाम का स्मरण करते हुए ही आते हैं, और इस शव के निमित्त ही अनेकों मुख से मेरा अतिप्रिय दिव्य 'राम' नाम निकलता है उसी को सुनने मैं श्मशान-भूमि में आता हूँ।* *इसीलिए इतने लोगों के मुख से 'राम' नाम का जप करवाने में निमित्त बनने वाले इस शव का मैं सम्मान करता हूँ, इसे प्रणाम करता हूँ और अग्नि में जलने के बाद उसकी भस्म को अपने शरीर पर लगा लेता हूँ।* *'राम' नाम बुलवाने वाले के प्रति मुझे अगाध प्रेम रहता है।* *शिव जी ने कहा, देवी! संत जन जिस प्रकार सहस्र नाम को छोटा कर लेते हैं और नित्य जपते हैं वैसा ही उपाय आप भी कर लीजिए।* *पार्वती जी ने पूछा वह उपाय कैसे करते हैं? मैं आपसे सुनना चाहती हूँ।* *शिव जी ने बताया, हे देवि! मात्र एक बार ही 'राम' नाम का जप कर लो तुम्हें सहस्र नाम, यानि हजार नाम जप का फल मिल जाएगा।* *एक 'राम' नाम हजार दिव्य नामों के समान है।* *पार्वती जी ने वैसा ही किया।* *पार्वत्युवाच–* *केनोपायेन लघुना विष्णोर्नाम सहस्रकं?* *पठ्यते पण्डितैर्नित्यम् श्रोतुमिच्छाम्यहं प्रभो!!* *ईश्वर उवाच-* *श्री राम राम रामेति, रमे रामे मनोरमे,* *सहस्र नाम तत्तुल्यम राम नाम वरानने!!* *यह 'राम' नाम सभी आपदाओं को हरने वाला, सभी सम्पदाओं को देने वाला है, सारे संसार को शान्ति प्रदान करने वाला है। इसीलिए मैं उन्हें बार बार प्रणाम करता हूँ।* *आपदामपहर्तारम् दातारम् सर्वसंपदाम्,* *लोकाभिरामम् श्रीरामम् भूयो भूयो नमाम्यहम्!!* *भवसिन्धु की सभी समस्याओं और दुःख के बीजों को भस्म कर देनेवाला यानि समूल नष्ट कर देने वाला, सुख संपत्ति प्रदान करने वाला, यम दूतों को भगाने वाला उपाय केवल 'राम' नाम का जप ही है।* *भर्जनम् भव बीजानाम्, अर्जनम् सुख सम्पदाम्।* *तर्जनम् यम दूतानाम्, राम रामेति गर्जनम्!!* *प्रयास पूर्वक स्वयम् भी 'राम' नाम जप करते रहना चाहिए और अभिवादन आदि मे भी दूसरों को भी प्रेरित करके 'राम' नाम जपवाना चाहिए। संसार समुद्र से पार होने का यही सबसे सुलभ और अचूक उपाय है।* *राम नाम नरकेसरी कनककसिपु कलिकाल।* *जापक जन प्रहलाद जिमि पालिहि दलि सुरसाल॥* *भावार्थ:-राम नाम श्री नृसिंह भगवान है, कलियुग हिरण्यकशिपु है और जप करने वाले जन प्रह्लाद के समान हैं, यह राम नाम देवताओं के शत्रु (कलियुग रूपी दैत्य) को मारकर जप करने वालों की रक्षा करेगा॥* *मेरे प्रभु राम* *जय श्री राम*

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