
SHREE SHARMA
435 days ago
प्रातः स्मरामि हनुमन्तमनन्तवीर्यं श्रीरामचन्द्र चरणाम्बुजजचञ्चरीकम् लङ्कापुरीदहननन्दितदेववृन्दं सर्वार्थसिद्धिसदनं प्रथितप्रभावम् जो श्रीरामचन्द्रजी के चरण-कमलों के भ्रमर हैं, जिन्होंने लंकापुरी को दग्ध करके देवगण को आनन्द प्रदान किया है, जो सम्पूर्ण अर्थ सिद्धियों के आगार और लोकविश्रुत प्रभावशाली हैं, उन अनन्त पराक्रमशील हनुमानजी का मैं प्रातःकाल मे स्मरण करता हूँ.. जय सियाराम 🙏

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