
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
243 days ago
*आप अपनी बेटी की शादी भले ही गार्डन से होटल से महंगे रिजॉर्ट् से या कहीं से भी करें, पर निवेदन है कि बेटी की विदाई अपने घर से ही करिए।* *बेटी विवाह के पश्चात जब विदा होती है तो वह देहरी लांघते वक़्त बिना पीछे पलटे अपने पीछे की और चावल तथा पैसे उछाल कर जाती है।* *इसका तात्पर्य यह होता है कि वह लक्ष्मी स्वरूपा अपने मायके का सौभाग्य अपने साथ लेकर नहीं जाए और मायके में हमेशा अन्न-धन भरा रहे।* *आजकल यह रश्म घर की बजाय होटल, रिसॉर्ट एवं महंगे लॉन में की जा रही है, इसीलिए सौभाग्य घर की बजाय इन होटल, रिसॉर्ट और मैरिज गार्डन वालों पर ज्यादा बरस रहा है।* *बात को गहराई से समझने की आवयश्कता है, अभी समय है, सम्भल जाएंगे तो अच्छा है।* *आधुनिक व फैंसी बनें, लेकिन अपनी परम्पराओं को बचाकर।* *कलेवर बदलिए, कल्चर नहीं।*🙏🙏🙏

Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
