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9.9.2026 यदि कोई दुष्ट लोग आपको दुख देवें, या आपको अपमानित करें, और आप उससे दुखी तथा अपमानित अनुभव करें, *"तो वे दुष्ट लोग आपकी कमजोरी समझ जाएंगे। इससे तो वे जीवन भर आपको दुखी तथा अपमानित करते रहेंगे।"* *"यदि आप अपना जीवन सुखमय ढंग से जीना चाहते हों, तो ऐसे लोगों की परवाह न करें, जो आपको दुखी तथा अपमानित करना चाहते हैं, और अनेक प्रकार से प्रयास करते रहते हैं।" "वे कुछ भी करें, आप अपने ऊपर संयम रखकर ऐसा प्रदर्शित करें, कि "आपकी इन कुचेष्टाओं से हम दुखी नहीं हैं। हम अपने जीवन में ईश्वर की कृपा से प्रसन्न हैं।"* इस तरह से यदि आप मन पर नियंत्रण करके अपने सुखी होने का प्रदर्शन करेंगे, तो उन आक्रमणकारियों की हिम्मत कुछ ही दिनों में टूट जाएगी। *"यदि आप इस कार्य में इस प्रकार से सफल हो गए, तो फिर वे आपको कभी दुखी या अपमानित करने का साहस नहीं करेंगे।" "इस प्रकार से आपका जीवन सुखमय ढंग से बीतेगा। आप ऐसा ही प्रयत्न अवश्य करें।"* --- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक निदेशक दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़ गुजरात।"*

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