
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
19 days ago
*🌹तीज पर सिर्फ श्रृंगार के लिए नहीं लगाई जाती मेहंदी, मां पार्वती से जुड़ा है खास संबंध🌹* 💐💐💐💐💐💐💐💐💐 *🌼साल 2026 में हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर 2026, सोमवार को रखा जाएगा। हरतालिका तीज का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास और पवित्र माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।* *तीज की पूजा में सोलह श्रृंगार का बहुत बड़ा महत्व है, और इसी श्रृंगार की सबसे खूबसूरत पहचान है हाथों में रची मेहंदी।* *लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि तीज के मौके पर मेहंदी लगाने का यह रिवाज सिर्फ खूबसूरती बढ़ाने के लिए है या इसके पीछे कोई गहरा कारण भी है?* *🌻माता पार्वती की तपस्या से जुड़ाव* 🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀 धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरतालिका तीज का सीधा संबंध भगवान शिव और माता पार्वती से है। माता पार्वती ने शिव जी को पति के रूप में पाने के लिए जंगलों में रहकर कठोर तपस्या की थी। उनके इसी समर्पण की याद में तीज का व्रत रखा जाता है। मेहंदी को सुहाग, प्यार और समर्पण का प्रतीक माना गया है। वैसे किसी शास्त्र में मेहंदी को अनिवार्य नियम नहीं लिखा गया है, बल्कि यह हमारी लोक-संस्कृति और उत्सव की खुशियों को जाहिर करने की एक बेहद प्यारी परंपरा है। *🌻गहरे रंग से जुड़े लोक-विश्वास* 🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀 हमारे समाज में मेहंदी के रंग को लेकर कई तरह की बातें कही जाती हैं। माना जाता है कि हाथों में मेहंदी का रंग जितना गहरा चढ़ता है, पति और ससुराल का प्यार उतना ही ज्यादा मिलता है। हालांकि, यह केवल एक लोकमान्यता है। वैज्ञानिक रूप से देखें तो मेहंदी का रंग उसकी गुणवत्ता, लगाने के तरीके और आपकी त्वचा के प्रकार पर निर्भर करता है। फिर भी, गहरा रंग देखकर मन में जो खुशी और उत्साह जागता है, वही इस त्योहार की असल रौनक है। *🌻सेहत और ठंडक का संबंध* 🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀 पुराने समय में किसी भी परंपरा की शुरुआत के पीछे सेहत से जुड़ा पहलू भी होता था। प्राकृतिक मेहंदी की तासीर ठंडी होती है। तीज-त्योहार के दौरान लगातार काम करने और व्रत रखने से होने वाली थकान या मानसिक तनाव को कम करने में मेहंदी की ठंडक मददगार साबित होती है। यह हाथों को आराम देती है और मन को शांत रखती है। हालांकि, आजकल बाजार में मिलने वाली केमिकल युक्त या काली मेहंदी से दूरी बनाना ही बेहतर है, क्योंकि इससे स्किन एलर्जी हो सकती है। हमेशा पत्तों वाली या नेचुरल मेहंदी का ही इस्तेमाल करें। *♿#ऊँ_सांब_सदा_शिवाय_नम:♿* 🙏🏻🙏🏻🙏🏻 💐💐💐💐💐💐💐💐💐

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