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28.6.2026 आजकल लोगों में सहनशक्ति बहुत कम हो गई है। *"छोटी-छोटी बात में लोग गुस्सा और झगड़ा कर लेते हैं। लोगों में अभिमान इतना बढ़ गया है, कि उसके कारण अनुचित एवं अपमानजनक भाषा का प्रयोग करते हैं। दूसरों पर झूठे आरोप लगाते हैं। जैसे तैसे कुतर्क का प्रयोग करके दूसरों को हराना और स्वयं को जिताना चाहते हैं।"* इसका परिणाम यह होता है, कि *"उनका लोगों के साथ संबंध टूट जाता है। ऐसे दुरभिमानी लोग संबंध तोड़ बैठते हैं, और अपनी मूर्खता के कारण दूसरे लोगों से मिल सकने वाला जीवन भर का लाभ खो देते हैं।"* इसके विपरीत कुछ लोग बुद्धिमान होते हैं। सभ्य विनम्र तथा सहनशील होते हैं। *"जो उक्त प्रकार से कार्य नहीं करते। बल्कि सभ्यता और नम्रता पूर्वक जीवन जीते हैं। यदि उनसे कभी कोई गलती हो भी जाए, तो वे शीघ्र ही गलती को स्वीकार करके उसे दूर करते हैं। और दूसरे व्यक्ति से क्षमा मांग लेते हैं।"* इसका परिणाम यह होता है कि *"उनका संबंध मधुर बना रहता है, और वे दूसरे लोगों से जीवन भर लाभ उठाते रहते हैं।"* अतः आप भी बुद्धिमत्ता से चुनाव करें, कि आपको दोनों में से कौन सा काम करना है? *"अपने दुरभिमान के कारण कुतर्क लगा लगाकर दूसरों को नाराज और दुखी करके अपना संबंध तोड़ देना है, और जीवन भर का लाभ खो देना है? अथवा सावधानी पूर्वक व्यवहार करते हुए सभ्यता एवं नम्रता से जीवन जीना है, जिससे कि सबके साथ आप के संबंध मधुर बने रहें, और आप उनसे जीवन भर लाभ लेते रहें।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

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