
Rama Devi Sahu
131 days ago
महाभारत के युद्ध में जब श्रीकृष्ण ने 'हनुमान जी' के क्रोध को किया शांत महाभारत के युद्ध में अर्जुन के रथ पर बैठे हनुमानजी कभी-कभी खड़े हो कर कौरवों की सेना की तरफ घूर कर देखते तो उस समय कौरवों की सेना तूफान की गति से युद्ध भूमि को छोड़ कर भाग जाती, हनुमानजी की दृष्टि का सामना करने का साहस किसी में नहीं था, उस दिन भी ऐसा ही हुआ था जब कर्ण और अर्जुन के बीच युद्ध चल रहा था। कर्ण अर्जुन पर अत्यंत भयंकर बाणों की वर्षा किए जा रहा था, उनके बाणों की वर्षा से श्रीकृष्ण को भी बाण लगते गए , अतः उनके बाण से श्रीकृष्ण का कवच कटकर गिर पड़ा और उनके सुकुमार अंग पर बाण लगने लगे। रथकी छत पर बैठे (पवनपुत्र हनुमानजी ) एक टक नीचे अपने इन आराध्य की तरफ ही देख रहे थे। श्रीकृष्ण कवच हीन हो गए थे, उनके श्री अंगपर कर्ण निरंतर बाण मारता ही जा रहा था, हनुमानजी से यह सहन नहीं हुआ , आकस्मात् वे उग्रतर गर्जना करके दोनों हाथ उठाकर कर्णको मार देने के लिए उठ खड़े हुए। हनुमानजी की भयंकर गर्जना से ऐसा लगा मानो ब्रह्माण्ड फट गया हो , कौरव-सेना तो पहले ही भाग चुकी थी अब पांडव पक्षकी सेना भी उनकी गर्जना के भय से भागने लगी , हनुमानजी का क्रोध देख कर कर्ण के हाथ से धनुष छूट कर गिर गया। भगवान श्रीकृष्ण ने तत्काल उठकर अपना दक्षिण हस्त उठाया और हनुमानजी को स्पर्श करके सावधान किया : रुको ! तुम्हारे क्रोध करने का समय नहीं है। श्रीकृष्णके स्पर्श से हनुमानजी रुक तो गए किन्तु उनकी पूंछ खड़ी हो कर आकाश में हिल रही थी , उनके दोनों हाथोंकी मुठ्ठियाँ बन्द थीं, वे दाँत कट-कटा रहे थे और आग्नेय नेत्रों से कर्ण को घूर रहे थे , हनुमानजी का क्रोध देख कर कर्ण और उनके सारथि काँपने लगे। हनुमानजी का क्रोध शांत न होते देख कर श्रीकृष्ण ने कड़े स्वर में कहा हनुमान ! मेरी और देखो, अगर तुम इस प्रकार कर्ण की ओर कुछ क्षण और देखोगे तो कर्ण तुम्हारी दृष्टि से ही मर जाएगा। यह त्रेतायुग नहीं है। तुम्हारे पराक्रमको तो दूर तुम्हारे तेज को भी कोई यहाँ सह नही सकता। तुमको मैंने इस युद्ध में शांत रहकर बैठने को कहा है। फिर हनुमानजी ने अपने आराध्यदेव की ओर देखा और शांत हो कर बैठ गए। !! जय हनुमान !! मंगलमय जीवन करें हनुमत कृपा निधान पल भर में दुख दूर करें धरे जो इनका ध्यान !! जय श्री राम !!

Comments (9)

Rama Devi Sahu
May 15, 2026
जिंदगी में मिला अनुभव अब इतना ही सबक सिखाता है कि उतना ही मिलो किसी से जितना वो मिलना चाहता है...!! 🌹🌹 Radhe radhe 🌹🌹

Rama Devi Sahu
May 15, 2026
जिंदगी में मिला अनुभव अब इतना ही सबक सिखाता है कि उतना ही मिलो किसी से जितना वो मिलना चाहता है...!!

Rama Devi Sahu
May 15, 2026
जिंदगी में मिला अनुभव अब इतना ही सबक सिखाता है कि उतना ही मिलो किसी से जितना वो मिलना चाहता है...!!

Rama Devi Sahu
May 15, 2026
[5/8, 10:49 AM] Rama devi Sahu: *🍃🍃🍃🪷राधे राधे 🪷🍃🍃🍃* *सम्मान हमारे व्यक्तित्व का सबसे अहम् अंश है, ये एक निवेश की तरह है, जितना हम दूसरो को देते है वो हमें ब्याज सहित वापस मिलता है...!!!* *अपशब्द एक ऐसी चिंगारी है, जो कानों में नहीं, सीधा मन में आग लगाती है...!!!* *कोई कुछ भी बोले अपने आपको शांत रखो, क्योंकि धूप कितनी भी तेज क्यों न हो समंदर को सुखा नही सकती।।* *श्रीकृष्णार्पणमस्तु*

Pannalal panchal पंजी पांचाल लोहार ब्यावर राजस्थान
May 15, 2026
जय श्री राधे कृष्ण जी राधे राधे

सविता
May 12, 2026
Radhe radhe 🙏🌹

My Mandir good by
May 12, 2026
jai hanuman 👏

