
SHREE SHARMA
377 days ago
करार विन्दे न पदार विन्दम् ,मुखार विन्दे विनिवेश यन्तम् । वटस्य पत्रस्य पुटे शयानम् ,बालम् मुकुंदम् मनसा स्मरामि ॥ १ ॥ वट वृक्ष के पत्तो पर विश्राम करते हुए, कमल के समान कोमल पैरो को, कमल के समान हस्त से पकड़कर, अपने कमलरूपी मुख में धारण किया है, मैं उस बाल स्वरुप भगवान श्री कृष्ण को मन में धारण करता हूं॥ 1 ॥ हरे कृष्ण 🙏

Comments (4)

shraddhansri s s.
Aug 18, 2025
very nice

Rama Devi Sahu
Aug 18, 2025
🙏‼️ Jai Shree Krishna ‼️🙏🌹🌹🌹🌹🌹🙏🌹🌹🌹🌹🌹
