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3.9.2026 एक व्यक्ति के पास भौतिक साधनों की कोई कमी नहीं है, फिर भी वह दुखी है। दूसरे व्यक्ति के पास गुजारे लायक ठीक-ठाक संपत्ति है, फिर भी वह बहुत सुखी है। इसका कारण क्या? इसका कारण है कि *"दोनों के जीवन जीने के दृष्टिकोण में अंतर है।"* *"जिसके पास बहुत अधिक संपत्ति है, परंतु उसे जीवन जीने का सही दृष्टिकोण मालूम नहीं है, वह दुखी रहेगा।" "जिसके पास जीवन जीने का सही दृष्टिकोण है, संपत्ति भले ही सामान्य है, वह सुखी रहेगा।"* *"तो जीवन जीने का सही दृष्टिकोण अपनाएं। उसका उपाय है, वेदों का अध्ययन करें। वैदिक जीवन पद्धति से जिएं। यही जीवन को जीने का सही दृष्टिकोण है। यदि आप ऐसा करेंगे, तो आप भी सुखी हो जाएंगे।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

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