
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
191 days ago
*🌐 विश्व सामाजिक न्याय दिवस 🌐* *📜 20 फरवरी 📜* चाहें आप किसी भी जाति, धर्म, लिंग, गरीब हो या अमीर हो न्याय सभी के लिए एक बराबर होना चाहिए, ये एक अधिकार है जो अपने प्रति सभी को एक नजर से देखता है। सामाजिक न्याय के प्रति दुनिया के सभी लोगों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए प्रतिवर्ष 20 फरवरी को सामाजिक न्याय दिवस मनाया जाता है। विश्व सामाजिक न्याय दिवस को मनाने के पीछे का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार के भेदभाव को खत्म करके अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सभी को साथ लाकर एक एकीकृत समाज का निर्माण करना है। इस दिवस के माध्मय से स्कूलों, कॉलेजों के साथ-साथ कार्यालयों और अन्य स्थानों के लोगों में सामाजिक न्याय को लेकर जागरूकता पैदा करना है, जिसके लिए कई प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है। *>> 20 फरवरी को क्यों मनाया जाता है विश्व सामाजिक न्याय दिवस <<* अमेरिका में श्वेत-अश्वेत का भेदभाव खत्म करने के लिए सबसे पहले आंदोलन की शुरुआत वर्ष 1950 से 60 के बीच की गई थी। यहां से आप समझ पाएंगे कि विश्व के हर देश में रहने वाले लोगों ने एक समय पर किसी न किसी प्रकार से भेदभाव सहा है, जिसे खत्म करने के लिए और लोगों में सामाजिक न्याय को लेकर जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए ये दिवस महत्वपूर्ण है। लेकिन इस दिवस की शुरुआत कैसे हुई और किस प्रकार ये अस्तित्व में आया ये सभी के लिए जानना आवश्यक है। तो आपको बता दें कि वर्ष 1995 में डेनमार्क में स्थित कोपेनहेगन में सर्वप्रथम सामाजिक विकास के लिए एक सम्मेलन का आयोजन किया गया था। जो बाद में कोपेनहेगन घोषणा और कार्य योजना के रूप में सामने लाया गया। इस सम्मेलन में 100 से अधिक राजनीतिक नेता शामिल हुए थे, जिन्होंने गरीबी उन्मूलन, रोजगार प्रदान करने और सुरक्षित और न्यायपूर्ण समाज को बनाने का एक संकल्प लिया। 2005 में कोपेनहेगन घोषणा और कार्य योजना की समीक्षा की गई। इसके दो साल बाद ही यानी की वर्ष 2007 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सामाजिक न्याय की भावना और आवश्यकता को समझा और 26 नवंबर 2007 को आधिकारिक घोषणा की और कहा कि महासभा के 60वें सत्र से शुरू होकर 20 फरवरी को विश्व सामाजिक न्याय दिवस मनाया जाएगा। 10 जून 2008 को अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन द्वारा निष्पक्ष वैश्वीकरण के लिए सामाजिक न्याय पर आईएलओ की घोषणा को अपनाया और उसके बाद 20 फरवरी 2009 को पहला विश्व सामाजिक न्याय दिवस मनाया गया और आज तक लागातार मनाया जा रहा है। *>> विश्व सामाजिक न्याय दिवस का उद्देश्य <<* विश्व सामाजिक न्याय दिवस को मानाने का उद्देश्य सतत विकास की प्राप्ती करना है, रोजगार के अच्छे अवसरों को बढ़ावा देना है, रोजगार में लिंग भेदभाव की स्थिति को कम करना है, गरीबी उन्मूलन, सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा, लैंगिक समानता प्रदान करना और सामाजिक भलाई के लिए कार्य कर सभी को न्याय दिलवाना है। न्याय सभी के लिए समान होना चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की भेदभाव की स्थिति न हो इस बात की भी खास ख्याल रखा जाता है। भारत में कई हर रंग, धर्म और जाति के व्यक्ति रहते हैं, लेकिन भारतीय संविधान के माध्यम से सभी को समान अधिकार प्राप्त है और संविधान की प्रस्तावना के अनुसार भारत के सभी नागरिकों के लिये राजनीतिक, आर्थिक व सामाजिक न्याय के साथ स्वतंत्रता के सभी रूप शामिल हैं। ताकि भारत को एक आदर्श समाज के रूप में व्यक्त किया जा सकें और सभी लोगों यहां शांतिपूर्ण ढंग से रह सकें। *>> विश्व सामाजिक न्याय दिवस 2025 का थीम <<* 2025 थीम: *“एक स्थायी भविष्य के लिए एक न्यायसंगत परिवर्तन को मजबूत करना”* प्रत्येक वर्ष, संयुक्त राष्ट्र सामाजिक न्याय से संबंधित प्रमुख मुद्दों और प्राथमिकताओं को उजागर करने के लिए एक थीम का चयन करता है। विश्व सामाजिक न्याय दिवस 2025 की थीम “एक स्थायी भविष्य के लिए एक न्यायसंगत परिवर्तन को मजबूत करना” है। थीम यह सुनिश्चित करने पर केंद्रित है कि परिवर्तन, विशेष रूप से रोजगार, जलवायु परिवर्तन नीतियों और आर्थिक संरचनाओं में, निष्पक्ष और समावेशी हों, जिससे कोई भी पीछे न छूटे। *>>विश्व सामाजिक न्याय दिवस: इतिहास<<* विश्व सामाजिक न्याय दिवस का विचार 1995 में डेनमार्क के कोपेनहेगन में आयोजित सामाजिक विकास के लिए विश्व शिखर सम्मेलन से उभरा। इस शिखर सम्मेलन के दौरान, 100 से अधिक विश्व नेताओं ने गरीबी, बेरोजगारी और सामाजिक बहिष्कार

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