
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
86 days ago
*🌹जून में इस तारीख को शुरू हो रहा है आषाढ़ माह, जानें क्या करें और* *क्या नहीं🌹* 💐💐💐💐💐💐💐💐💐 *⭕आषाढ़ मास में क्या करें क्या नहीं: हिंदू पंचांग का चौथा महीना, आषाढ़, जल्द ही शुरू होने वाला है। यह माह धार्मिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।* *भीषण गर्मी के बाद वर्षा ऋतु का आगमन इसी माह में होता है, जिससे प्रकृति और अधिक आकर्षक हो जाती है। सनातन धर्म में हर माह किसी न किसी देवता को समर्पित होता है। इसी कड़ी में आषाढ़ का महीना भगवान विष्णु को समर्पित होता है।* *इस पवित्र महीने में भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और कई महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं। 30 जून 2026, मंगलवार से आषाढ़ माह आरंभ होने जा रहा है और इसका समापन 29 जुलाई 2026, बुधवार को होगा। यह महीना हमें अपनी दिनचर्या और खानपान में बदलाव लाने का संकेत देता है। आइए जानते हैं आषाढ़ माह में क्या करना चाहिए और किन बातों से बचना चाहिए।* *🪔आषाढ़ मास का महत्व* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 कृषि प्रधान देश होने के नाते, किसानों के लिए यह माह खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। `•आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी (देवशयनी एकादशी) 24 जुलाई 2026, शुक्रवार से भगवान विष्णु चार मास के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं।` इस अवधि को *•'चातुर्मास'* कहा जाता है। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं, लेकिन भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान और तपस्या का विशेष महत्व होता है। यह माह आत्मशुद्धि, दान-पुण्य और तपस्या के लिए उत्तम माना जाता है। इस दौरान की गई साधना और पूजा-पाठ का फल कई गुना अधिक मिलता है। *🪔आषाढ़ माह में क्या करें-* 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 * इस पूरे माह भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना करें। देवशयनी एकादशी से पहले उनकी प्रसन्नता के लिए भक्ति करें। * वर्षा ऋतु का प्रारंभ होने के कारण जल का महत्व बढ़ जाता है। इस माह में जल संरक्षण और जल दान (जैसे प्याऊ लगाना) करें। * इस माह में अन्न, वस्त्र और जल का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। जरूरतमंदों की सहायता करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। * हल्का और सुपाच्य भोजन ग्रहण करें। दाल, चावल, हरी सब्जियां और मौसमी फल आहार में शामिल करें। * भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय है। इस माह में तुलसी की नियमित पूजा करें और जल चढ़ाएं। *⚜️आषाढ़ माह में क्या न करें?* *卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐* * देवशयनी एकादशी से चातुर्मास शुरू होने के कारण विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे बड़े शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। * इस माह में मांसाहार और तामसिक भोजन का सेवन कम करें या त्याग दें। * लहसुन और प्याज का अधिक सेवन भी वर्जित माना जाता है। * इतना ही नहीं, इस माह में बासी खाना खाने की भी मनाही होती है। *🚩#हरिऊँ🚩* 🙏🏻🙏🏻🙏🏻 💐💐💐💐💐💐💐💐💐

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