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हनुमान जी, जिन्हें हम प्यार से बजरंग बली कहते हैं, उनकी महिमा अनंत है। वे केवल एक देवता नहीं, बल्कि भक्ति, शक्ति और समर्पण के सबसे बड़े प्रतीक हैं। गोस्वामी तुलसीदास जी ने 'हनुमान चालीसा' में उनकी महिमा का जो वर्णन किया है, वह आज भी करोड़ों लोगों को ऊर्जा प्रदान करता है। यहाँ बजरंग बली की महिमा के कुछ प्रमुख पहलू दिए गए हैं: 1. अटूट राम-भक्ति बजरंग बली की सबसे बड़ी महिमा उनकी निस्वार्थ भक्ति है। उन्होंने अपना पूरा जीवन भगवान श्री राम की सेवा में समर्पित कर दिया। उनके लिए राम नाम ही सबसे बड़ा मंत्र है। कहा जाता है कि जहाँ भी रामायण का पाठ होता है, हनुमान जी वहां अदृश्य रूप में उपस्थित रहते हैं। 2. अपार शक्ति और साहस 'बजरंग' शब्द 'वज्रांग' से आया है, जिसका अर्थ है "जिसका अंग वज्र के समान कठोर हो।" * उन्होंने बचपन में सूर्य देव को फल समझकर निगल लिया था। * समुद्र लांघना हो या पूरा द्रोणागिरी पर्वत उठा लाना, उनकी शक्ति की कोई सीमा नहीं है। * वे 'संकटमोचन' हैं, जो अपने भक्तों के बड़े से बड़े दुखों को पल भर में हर लेते हैं। 3. बुद्धि और चतुराई अक्सर लोग उन्हें केवल शारीरिक शक्ति का प्रतीक मानते हैं, लेकिन वे 'बुद्धिमतां वरिष्ठम्' (बुद्धिमानों में श्रेष्ठ) भी हैं। * लंका में रावण की सभा में अपनी बुद्धिमानी का परिचय देना हो या विभीषण को अपनी ओर मिलाना, उनकी कूटनीति बेमिसाल थी। 4. अष्ट सिद्धि और नौ निधि के दाता माता सीता ने उन्हें आशीर्वाद दिया था: > "अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता। अस बर दीन जानकी माता॥" > वे अपने भक्तों को मानसिक शांति, धन, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक ज्ञान देने में समर्थ हैं। बजरंग बली के कुछ विशेष नाम और उनका अर्थ: | नाम | अर्थ | |---|---| | हनुमान | जिनकी ठुड्डी (Hanu) टूटी हुई हो। | | पवनपुत्र | वायु देव के पुत्र। | | अंजनीपुत्र | माता अंजनी के लाडले। | | केसरी नंदन | राजा केसरी के पुत्र। | | मारुति | हवा की तरह तेज गति वाले। | > एक विशेष बात: बजरंग बली कलयुग के जाग्रत देवता माने जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि वे आज भी पृथ्वी पर सदेह (शरीर सहित) मौजूद हैं और अपने भक्तों की पुकार सुनते हैं। > जय सिया राम जी 🙏💫 जय हनुमान 🙏💫 सुभदुपहर जी 🙏🙏🚩🚩

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Comments (2)

Lal  Singh 🇮🇳🇮🇳

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳

Feb 17, 2026

जय सिया राम जी 🙏

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Feb 17, 2026

🙏🙏जय सियाराम जी🙏🙏 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 बंदउँ नाम राम रघुबर को। हेतु कृसानु भानु हिमकर को ॥ 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 बिधि हरि हरमय बेद प्रान सो । अगुन अनूपम गुन निधान सो ।। 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 🙏🙏जय सियाराम जी🙏🙏