
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
100 days ago
यह वीडियो टैटू प्रक्रिया के विज्ञान के बारे में है, जिसमें यह बताया गया है कि टैटू स्याही (ink) त्वचा में कैसे जाती है और टैटू स्याही बनाने के लिए मरे हुए इंसानों की राख का उपयोग कैसे किया जाता है। वीडियो में कुछ भ्रामक या निराधार दावे किए गए हैं: * **टैटू स्याही और राख:** यह दावा कि टैटू स्याही बनाने के लिए मरे हुए लोगों की राख का उपयोग किया जाता है, एक लोकप्रिय इंटरनेट मिथक है। व्यावसायिक टैटू स्याही में आमतौर पर वर्णक (pigments) होते हैं जो प्लास्टिक, धातु के लवण, या कार्बन जैसे विभिन्न पदार्थों से बने होते हैं। जबकि कुछ लोग अपनी या किसी प्रियजन की राख को टैटू स्याही में मिलवाने का विकल्प चुन सकते हैं, यह मानक प्रक्रिया नहीं है और इसे व्यावसायिक रूप से बड़े पैमाने पर नहीं किया जाता है। * **मानसिक प्रभाव:** टैटू बनवाने से किसी की "मानसिक स्थिति राक्षस जैसी" होने का दावा पूरी तरह से निराधार है। इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। टैटू बनवाना एक व्यक्तिगत निर्णय है। यदि आप इसे सुरक्षित तरीके से करवाना चाहते हैं, तो हमेशा किसी पेशेवर, लाइसेंस प्राप्त और स्वच्छता के कड़े मानकों का पालन करने वाले टैटू आर्टिस्ट से ही टैटू बनवाएं।
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