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SHREE SHARMA

331 days ago

अन्नपूर्णे सदा पूर्णे शंकरप्राणवल्लभे ज्ञान वैराग्य-सिद्ध्‌यर्थं भिक्षां देहिं च पार्वति 🙏 मागर्शीष शुक्ल पूर्णिमा के दिन माँ पार्वती के अन्नपूर्णा स्वरूप के अवतरण दिवस को अन्नपूर्णा प्राकट्योत्सव के रूप में मनाया जाता है, इसी दिन मां पार्वती ने अन्नपूर्णा रूप धारण किया था। माता अन्नपूर्णा अन्न और समृद्धि की देवी हैं, इस दिन माँ अन्नपूर्णा की आराधना करनी चाहिए, माँ की कृपा से घर में कभी भी अन्न की कोई कमी नही होती है। इस दिन रसोईघर को अच्छी तरह साफ कर, घर के चूल्हे की पूजा करनी चाहिए। अन्नपूर्णा प्राकट्योत्सव के दिन मां अन्नपूर्णा की विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है, जिससे सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। मार्गशीर्ष महीने की पूर्णिमा तिथि 04 दिसंबर को सुबह 4 बजकर 37 मिनट पर शुरू होगी। वहीं इस तिथि का समापन 05 दिसंबर को सुबह 04 बजकर 43 मिनट पर होगा। इस वर्ष माँ अन्नपूर्णा का प्राकट्योत्सव गुरुवार, 04 दिसंबर को मनाया जायेगा।

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