
SHREE SHARMA
388 days ago
महाभारत अंतर्गत रुद्राभिषेक स्तोत्र --------------------------------------------- अधिक देर बैठने मे असमर्थ हो या समयाभाव हो अष्टध्याय रुद्री न हो पाए तो यह प्रयोग भी उचित हैँ साधक गण इस स्तोत्र से शिवलिंग का अभिषेक कर सकते है या इसका पाठ कर सकते है .. इसे भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को बताया था .. नमो भवाय शर्वाय रुद्राय वरदाय च ! पशूनां पतये नित्यमुग्राय च कपर्दिने !! महादेवाय भीमाय त्र्यंबकाय च शांतये ! ईशानाय मखघ्नाय नमोस्त्वन्धकघातिने !! कुमारगुरवे तुभ्यं नीलग्रीवाय वेधसे ! पिनाकिने हविष्याय सत्याय विभवे सदा !! विलोहिताय धूम्राय व्याधायानपराजिते ! नित्यं नीलशिखण्डाय शूलिने दिव्यचक्षुसे !! होत्रे पोत्रे त्रिनेत्राय व्याधाय वसुरेतसे ! अचिंत्यायांबिकाभर्त्रे सर्वदेवस्तुत्याय च !! वृषध्वजाय मुण्डाय जटिने ब्रह्मचारिणे ! तप्यमानाय सलिले ब्रह्मण्यायाजिताय च !! विश्वात्मने विश्वसृजे विश्वमावृत्य तिष्ठते ! नमोनमस्ते सेव्याय भूतानां प्रभवे सदा !! ब्रह्मवक्त्राय सर्वाय शंकराय शिवाय च ! नमोस्तु वाचस्पतये प्रजानां पतये नम: !! अभिगम्याय काम्याय स्तुत्यायार्याय सर्वदा नमोस्तु देवदेवाय महाभूतधराय च नमो विश्वस्य पतये पत्तीनां पतये नम: !! नमो विश्वस्य पतये महतां पतये नम: नम: सहस्त्रशिरसे सहस्त्रभुजमृत्यवे सहस्त्रनेत्रपादाय नमोअसंख्येय कर्मणे !! नमोहिरण्यवर्णाय हिरण्यकवचाय च भक्तानुकंपिने नित्यं सिध्यतां नो वर: प्रभो !! एवं स्तुत्वा महादेवं वासुदेव: सहार्जुन: । प्रसादयामास भवं तदा ह्यस्त्रोपलब्धये ॥ ॥ इति रुद्राभिषेकस्तोत्रम् संपूर्ण ॥

Comments (5)

Rama Devi Sahu
Aug 8, 2025
Om Namah Shivay 🙏🔱🌿🌺

Radhe Radhe
Aug 8, 2025
🌹🌹अगस्त महीने के दूसरे एवं सावन महीने के अंतिम शुक्रवार सुबह की जय माता दी।🌹🌹
