
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
269 days ago
राष्ट्रभक्ति ले हृदय में, हो खड़ा यदि देश सारा। संकटों पर मात कर, यह राष्ट्र विजयी हो हमारा।। क्या कभी किसी ने सुना है, सूर्य छिपता तिमिर भय से। क्या कभी सरिता रुकी है, बांध से, वन पर्वतों से। जो न रुकते मार्ग चलते, चीर कर सब संकटों को, वरण करती कीर्ति उनका, छोड़ कर सब असुर दल को। ध्येय-मंदिर के पथिक को, कण्टकों का ही सहारा। राष्ट्रभक्ति ले हृदय में, हो खड़ा यदि देश सारा। संकटों पर मात कर, यह राष्ट्र विजयी हो हमारा।।

Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
