
SHREE SHARMA
405 days ago
जहाँ राम तहँ काम नहिं, जहाँ काम नहिं राम । तुलसी कबहुँ कि रहि सकत, रबि रजनी एक ठाम ।। जहां रामजी होंगे, वहां काम नहीं होगा और जहां काम है वहां रामजी नहीं होंगे, ठीक उसी तरह जिस तरह सूर्य और रात्रि एक स्थान पर नहीं रह सकते हैं... जय सियाराम 🙏

Comments (3)

Radhe Radhe
Jul 21, 2025
👌💅 वेरी वेरी नाइस अति सुंदर पोस्ट जी💅👌शुभ सोमवार 🌹🌹

Radhe Radhe
Jul 21, 2025
🌹🌹 श्री राम जय राम जय जय राम शुभ दोपहर की आपको शुभकामनाएं🌹🌹

Anup Kumar Sinha
Jul 21, 2025
जय श्री राम 🙏🙏
