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*🌹पितृ पक्ष 2026: आज है मातृ नवमी, श्राद्ध और तर्पण करने का सही मुहूर्त नोट करें🌹* 💐💐💐💐💐💐💐💐💐 *⭕पितृ पक्ष में मातृ नवमी का विशेष महत्व माना जाता है। यह दिन खास तौर पर परिवार की दिवंगत माताओं, मातामहियों और अन्य महिला पूर्वजों के श्राद्ध और तर्पण के लिए समर्पित माना जाता है।* *धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पितरों का स्मरण करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।* *मातृ नवमी के दिन लोग अपने पूर्वजों को याद करते हैं और उनकी आत्मिक शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण तथा पिंडदान जैसे कर्म करते हैं। जिन परिवारों में किसी महिला पूर्वज की मृत्यु की तिथि ज्ञात नहीं होती, वहां भी परंपरा के अनुसार मातृ नवमी पर उनका श्राद्ध किया जाता है।* *मातृ नवमी पर श्राद्ध कर्म के लिए दिन के विशेष समय को महत्वपूर्ण माना जाता है। दिए गए समय के अनुसार, आज श्राद्ध और तर्पण के लिए तीन प्रमुख मुहूर्त रहेंगे।* *⚜️कुतुप मुहूर्त* *卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐* कुतुप मुहूर्त सुबह 11 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। इस दौरान श्राद्ध कर्म करना शुभ माना जाता है। *⚜️रौहिण मुहूर्त* *卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐* इसके बाद रौहिण मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 32 मिनट से 1 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में भी पितरों के लिए धार्मिक कर्म किए जा सकते हैं। *⚜️अपराह्न काल* *卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐* श्राद्ध के लिए महत्वपूर्ण अपराह्न काल दोपहर 1 बजकर 20 मिनट से 3 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। पितृ पक्ष में श्राद्ध कर्म के लिए अपराह्न समय को विशेष महत्व दिया जाता है। *⚜️कैसे करें श्राद्ध और तर्पण?* *卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐* मातृ नवमी के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पितरों का स्मरण करते हुए पूजा की तैयारी करें। परंपरा के अनुसार तर्पण में जल, काले तिल और कुश का प्रयोग किया जाता है। श्रद्धा के साथ पूर्वजों का नाम लेकर उन्हें जल अर्पित किया जाता है। श्राद्ध कर्म में अपनी पारिवारिक और स्थानीय परंपराओं का पालन करना महत्वपूर्ण माना जाता है। सामर्थ्य के अनुसार ब्राह्मण भोजन, दान और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराने की परंपरा भी कई परिवारों में निभाई जाती है। *⚜️रखें इन बातों का ध्यान* *卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐* श्राद्ध और तर्पण करते समय मन में श्रद्धा और सम्मान का भाव रखना चाहिए। भोजन और दान अपनी क्षमता के अनुसार करें। अलग-अलग पंचांग और स्थान के अनुसार मुहूर्त में थोड़ा अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग या पुरोहित से समय की पुष्टि करना उचित रहेगा। *🛑मातृ नवमी केवल एक धार्मिक कर्मकांड का दिन नहीं, बल्कि अपनी मातृ परंपरा और पूर्वजों को याद करने का अवसर भी माना जाता है। इस दिन परिवार के लोग मिलकर अपने दिवंगत पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक याद करते हैं और उनकी शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।* *🚩#हरिऊँ🚩* 🙏🏻🙏🏻🙏🏻 💐💐💐💐💐💐💐💐💐

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