
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
355 days ago
*🌷 मायाधिपति श्रीकृष्ण और माया 🌷* *सृष्टि के आरम्भ में परमब्रह्म परमात्मा श्रीकृष्ण ने माया को* *अपने पास बुलाकर कहा कि मैंने संसार की रचना कर* *ली है अब इस संसार को चलाना तेरा काम है ।* *माया ने कहा–‘भगवन् ! मुझे स्वीकार है, किन्तु एक प्रार्थना है* ।’ *भगवान ने कहा–‘कहो, क्या प्रार्थना है?’* *माया ने कहा–’प्रभु ! इस संसार को चलाने के लिए जिन* *आकर्षणों की आवश्यकता है, वह तो* *सब-के-सब आपके पास हैं, उनमें से एक-आध मुझे भी दें* *ताकि मैं जीवों को अपने जाल में फंसाकर रख सकूं ।’* *भगवान ने कहा–‘बोलो क्या चाहिए ?’ माया ने कहा–‘प्रभु !* *आप आनन्द के सागर हैं, मेरे पास दु:ख के* *सिवाय क्या है ? कृपया आप उस आनन्द के सागर की एक बूंद मुझे भी दे दें ताकि मैं उस एक* *बूंद का रस संसार के इन समस्त जीवों में बांटकर उन्हें* *अपने वश में रख सकूं, अन्यथा वे मेरी बात नहीं मानेंगे और सीधे आपके दरबार में पहुंच जाएंगे ।’* *भगवान ने अपने आनन्द के सागर की एक बूंद माया को देकर कहा—‘जा, इस बूंद को पांच* *भागों में विभक्त करके मनुष्यों में बांट देना ।’ प्रसन्न होकर माया ने भगवान से* *कहा–‘प्रभु ! आप निश्चिन्त रहें, आपके द्वारा सौंपे गए कार्य में कोई विघ्न नहीं आने दूंगी ।’* *माया ने आनन्द रूपी सागर की बूंद को पांच भागों–रूप, रस* *गन्ध, शब्द और स्पर्श में विभक्त कर संसार में फैला दिया । इसलिए संसार में* *सुख और आनन्द प्राप्ति का इन पांच स्थानों के अलावा और कोई स्थान नहीं है ।* *ये पांच गुण–रूप,रस गन्ध,शब्द और स्पर्श क्रमश: हमें अग्नि,जल,पृथ्वी,आकाश और वायु से प्राप्त होते हैं ।* *माया के पांच स्थान हैं पांच ज्ञानेन्द्रियां* *इन्हीं पांच तत्त्वों से इस शरीर की रचना हुई है।इन्हीं पांच तत्त्वों को ग्रहण करने के लिए* *भगवान ने हमें आंख, नाक,कान,जिह्वा और त्वचा—ये पांच ज्ञानेन्द्रियां दे रखी हैं।* *नासिका के द्वारा हम पृथ्वी के गन्धरूपी गुण को, जिह्वा के द्वारा जल के रसरूपी गुण को, कानों के द्वारा आकाश के* *शब्दरूपी गुण को और आंखों के द्वारा अग्नि के रूप गुण अर्थात् सुन्दरता को और त्वचा द्वारा वायु के स्पर्श गुण को ग्रहण करते हैं।* *माया के द्वारा फेंके गए मायाजाल में मनुष्य बहुत बुरी तरह जकड़ा हुआ है।* *मायापति श्रीकृष्ण की माया से मनुष्य ही नहीं वरन् बड़े-बड़े ऋषि-मुनि भी भ्रमित हो जाते हैं..!!* *🙏🙏🏾🙏🏽जय श्री कृष्ण*🙏🏻🙏🏼🙏🏿
Comments (4)

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
Sep 9, 2025
शुभ मंगलवार बीर हनुमान जी की कृपा आप पर बनी रहे जी 🙏 जय सिया राम जी 🙏

Radhe Radhe
Sep 9, 2025
🌹🌹 राधे राधे जय श्री कृष्ण जी।। आपको पितृपक्ष के दूसरे दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। आपका आने वाला पल शुभ मंगलमय हो।।्््््््््🌹🌹

Radhe Radhe
Sep 9, 2025
🌹🌹 मंगलवार शाम की शुभकामनाएं।। जय श्री राम जयबजरंगबली।। प्रभु श्री राम भक्त हनुमान जी की कृपा आप पर सदैव बनी रहे।।🌹🌹
