
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
3 days ago
3.10.2026 *"जैसे ठंडा लोहा कठोर होता है वह जल्दी से इधर-उधर नहीं मुड़ता। ऐसे ही जब व्यक्ति का मस्तिष्क ठंडा होता है, तो वह इधर-उधर नहीं भटकता, बल्कि शांति से सही निर्णय लेता है।"* *"और जब लोहा गर्म होता है तब वह नरम हो जाता है, और तब उसे किसी भी दिशा में आसानी से मोड़ा जा सकता है।"* *"ठीक इसी प्रकार से जब व्यक्ति का दिमाग भी गर्म होता है, अर्थात जब वह गुस्से में होता है, तब उसकी निर्णय शक्ति घट जाती है। और उसके दिमाग को इधर-उधर मोड़ना सरल होता है। ऐसी स्थिति में कोई भी चालाक व्यक्ति उस व्यक्ति को भटका सकता है, जिसका दिमाग गर्म हो। अर्थात जो गुस्से में हो।"* *"अतः भटकने से बचने के लिए गुस्सा करने से बचें। अपने मन को शांत रखें। तब आपको दूसरे लोग नहीं भटका पाएंगे।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

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