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11.4.2026 जब आपको कोई नए लोग मिलते हैं, पहली बार आपका उनसे परिचय होता है, तो चेहरा देखकर ही पहले पहले परिचय किया जाता है। फिर धीरे-धीरे आपस में मिलना जुलना आदि व्यवहार बढ़ता जाता है। *"यदि आपके और उनके विचार मिलते हों, गुण कर्म स्वभाव मिलता हो, तो उसका परिणाम यह होता है, कि कुछ समय के बाद आपमें और उन में एक मधुर संबंध बन जाता है।"* उस संबंध का आरंभ भले ही चेहरा देखकर हुआ हो। परन्तु यदि कुछ समय बाद दोनों व्यक्तियों का आपस में परस्पर सभ्यता नम्रता सच्चाई उत्तम भावनाओं और सम्मानपूर्वक व्यवहार होता रहता है, तब तो वह संबंध टिक जाता है। *"अन्यथा थोड़ी भी चालाकी चतुराई या धोखाधड़ी करने पर वह संबंध शीघ्र ही टूट जाता है, लंबे समय तक नहीं टिकता।"* *"इसलिए यदि आप किसी के साथ लंबे समय तक अपना संबंध मधुर बनाए रखना चाहते हों, आनंद पूर्ण बनाए रखना चाहते हों, तो आप दोनों को परस्पर सभ्यता नम्रता सच्चाई उत्तम भावनाएं और सम्मान आदि गुणों की आवश्यकता पड़ेगी। इसके बिना वह संबंध लंबे समय तक नहीं टिक पाएगा।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

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Comments (1)

vijay kushwaha

vijay kushwaha

Apr 11, 2026

जय श्री राधे कृष्ण