
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
253 days ago
*अमृत कथा* ******------+++++**** *बाधाओं से न घबराएं* एक बार एक थका हुआ सिपाही अपने प्यासे घोड़े के साथ रेगिस्तान जैसे रास्ते से गुजर रहा था। पानी की तलाश में वे एक बूढ़े किसान के पास पहुँचे, जो अपने खेत में 'रहट' (पानी खींचने का पुराना यंत्र) चला रहा था। रहट के चलने से कुएँ से पानी तो आ रहा था, लेकिन साथ ही एक तेज़ और लगातार आवाज़ भी आ रही थी— "ठक-ठक... ठक-ठक..." सिपाही ने घोड़े को पानी पिलाने की कोशिश की, लेकिन उस शोर से डरकर घोड़ा पीछे हट गया। सिपाही ने किसान से अनुरोध किया: "काका, क्या आप थोड़ी देर के लिए इस शोर को रोक सकते हैं? मेरा घोड़ा डर रहा है।" बूढ़े किसान ने जो जवाब दिया, उसमें जीवन का सबसे बड़ा सत्य छिपा था। वह मुस्कुराया और बोला: "बेटा, अगर मैं इस 'ठक-ठक' को रोक दूँगा, तो कुएँ से पानी आना भी बंद हो जाएगा। अगर घोड़े को प्यास बुझानी है, तो उसे इसी शोर के बीच पानी पीना सीखना होगा।" सिपाही समझ गया। उसने घोड़े को शांत किया और अंततः घोड़े ने उसी शोर के बीच अपनी प्यास बुझाई। दोस्तों, हमारा जीवन भी ऐसा ही है। हम अक्सर सोचते हैं कि जब जीवन में सब कुछ शांत हो जाएगा, कोई समस्या नहीं होगी, तभी हम अपने लक्ष्य की ओर बढ़ेंगे। हम 'परफेक्ट समय' का इंतज़ार करते रहते हैं। लेकिन सच यह है कि जीवन की यह "ठक-ठक" (समस्याएं, शोर, चुनौतियां, लोगों की बातें) कभी रुकने वाली नहीं है। अगर हम शोर थमने का इंतज़ार करेंगे, तो प्यासे ही रह जाएंगे। परिस्थितियों के अनुकूल होने का इंतज़ार न करें, बल्कि मौजूदा परिस्थितियों में ही अपने लक्ष्य को पाने का हुनर सीखें। शोर के बीच ही अपनी 'प्यास' बुझाना सीखें। 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
Comments (3)

Balraj Sethi Balraj Sethi
Dec 20, 2025
Om Jagat Ke Palan Har Bhagwan Shree Vishnu Ji Ko Koti Koti Bar Parnam Ji. 🙏🏻🌷

Rama Devi Sahu
Dec 20, 2025
Shubha Shanivar Subah ki Ram Ram Jii 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu
Dec 20, 2025
Bahut hi Sundar Barta Sabhi ke liye 👌👌🙏 Bhagwan ki Aasirbad Aap pr Sadeib Bani Rahe 🙏 Aap ka Din Subha Mangalmay Ho 🙏🌹🌹
