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16.7.2026 इस संसार में बहुत से लोग धन संपत्ति पुत्र परिवार आदि सब प्रकार से संपन्न हैं। गरीबी नहीं है, भुखमरी नहीं है, बेरोजगारी नहीं है, व्यापार भी अच्छा है। कोई नौकरी वाला है तो उसकी नौकरी भी अच्छी है। समाज में प्रतिष्ठा भी ठीक है। इतना सब होते हुए भी बहुत से लोग दुखी हैं। क्यों? इसका एक बहुत बड़ा कारण यह है, कि *"वे, लोगों की फालतू बातों की चिन्ता करते हैं।"* *"जैसे किसी पड़ोसी ने कुछ टिप्पणी कर दी उससे दुखी हो जाएंगे। कार्यालय में किसी सहकर्मी ने कुछ आरोप लगा दिया, उससे दुखी हो जाएंगे। व्यापार में किसी ग्राहक ने अथवा किसी अन्य व्यापारी ने उनके प्रति कुछ ऊंचा नीचा बोल दिया, उससे दुखी हो जाएंगे।" "ऐसी बहुत सी बातें हैं, जिनको सुनकर या सोच सोच कर वे लोग दुखी होते रहते हैं। इसलिए बाकी सब कुछ होते हुए भी उन्हें शांति नहीं मिलती।"* *"यदि शांति प्राप्त करनी हो, तो ऐसी बातों को एक बार तो ध्यान से सुनें, कि उन लोगों ने आपके बारे में क्या कहा?" फिर ठंडे मन से यह विचार करें कि "जो कुछ कहा, वह सत्य है या झूठ? यदि वह सत्य है, तो उस सत्य को स्वीकार करें। अपने उस दोष या कमी को दूर करें। और यदि उनका आरोप झूठा है, तो उसकी चिंता न करें।"* *"क्योंकि सब लोग आपकी योग्यता को नहीं समझते। इसलिए सब लोग आपका सम्मान नहीं करेंगे।" "और जो दुष्ट स्वभाव के लोग हैं, वे तो आपकी योग्यता को समझते हुए भी आप पर जानबूझकर झूठे आरोप लगाएंगे। संसार में चारों तरफ ऐसे ही लोग भरे पड़े हैं।" "यदि आप उनकी ऐसी "फालतू बातों पर" ध्यान देंगे, तो आपको जीवन में कभी भी कहीं भी शांति नहीं मिलेगी।" "यदि आप को शांति प्राप्त करनी हो, तो अपने ऊपर अधिक ध्यान दें। झूठ छल कपट हेरा फेरी निंदा चुगली आदि अपनी कमियों तथा दोषों को दूर करें। और ईश्वर की कृपा से सेवा परोपकार दान दया सभ्यता नम्रता आदि उत्तम गुणों को धारण करें। तभी आप को शांति मिलेगी, अन्यथा नहीं।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

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Comments (1)

सविता

सविता

Jul 16, 2026

Radhe radhe 🙏🌹 sahi hai ji 🌹