
SHREE SHARMA
379 days ago
द्विज द्रोहिहि न सुनाइअ कबहूँ। सुरपति सरिस होइ नृप जबहूँ॥ रामकथा के तेइ अधिकारी। जिन्ह कें सत संगति अति प्यारी॥ ब्राह्मणों के द्रोही को, यदि वह देवराज (इन्द्र) के समान ऐश्वर्यवान राजा भी हो, तब भी यह कथा न सुनानी चाहिए। श्री रामकथा के अधिकारी वे ही हैं जिनको सत्संगति अत्यंत प्रिय है जय सियाराम 🙏

Comments (1)

Rama Devi Sahu
Aug 16, 2025
Jai Shree Ram 🙏 Jai Siya Ram 🙏 Mangal Kamanayen ke Sath Subha Ratri Vandan 🌹
