
SHREE SHARMA
434 days ago
एक गाँव में जग्गू नाम का एक गरीब मजदूर अपनी पाँच बेटों के साथ एक जर्जर झोंपड़ी में रहता था। उसकी पत्नी का देहांत वर्षों पहले हो चुका था, और वह दिन-रात मेहनत करके अपने बच्चों का पालन-पोषण करता था। सभी बेटे बड़े होकर जमींदार के खेतों में काम करने लगे थे। घर में खाना बनाने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं थी, इसलिए वे गुड़ और भुना चना खाकर गुजारा करते। हर शाम अलग-अलग चूल्हों पर चना भूनते थे। गांववालों की सलाह पर एक दिन जग्गू ने अपने बड़े बेटे की शादी कर दी। बहू जब पहली बार घर आई, तो टूटी झोंपड़ी, गंदगी और अस्त-व्यस्त हालात देखकर घबरा गई। कुछ पल के लिए वह मायके लौटने का सोचने लगी, लेकिन जल्द ही समझ गई कि वहां भी हालात कुछ खास नहीं होंगे। उसने ठान लिया कि अब यही उसका घर है, और इसे वह एक परिवार का रूप देगी। बहू ने पड़ोस से झाड़ू, गोबर और मिट्टी जुटाई। उसने पूरे घर को लीप-पोतकर साफ किया और चार चूल्हे फोड़कर एक ही चूल्हा रहने दिया। फिर सभी चनों को पीसकर गरमागरम रोटियां, साग और चटनी बनाई। जब जग्गू और उसके बेटे लौटे और टूटे चूल्हे देखे, तो नाराज़ हो गए। मगर जैसे ही बहू ने प्रेमपूर्वक भोजन परोसा, सभी का गुस्सा शांत हो गया। धीरे-धीरे बहू ने परिवार में एकता और व्यवस्था लाई। उसने सबको थोड़ी-थोड़ी जिम्मेदारी दी – कोई अनाज लाता, कोई सब्जी। उसकी समझदारी और मेहनत से झोंपड़ी अब एक सुन्दर घर जैसा दिखने लगी। बाहर मिट्टी की छोटी बाड़ बन चुकी थी, और जीवन पहले से बेहतर हो गया था। एक दिन जमींदार उनके बदले हुए हालात और बहू की प्रशंसा सुनकर खुद आया। उसने बहू को आशीर्वाद दिया और एक सोने का हार भेंट किया। बहू ने मुस्कराकर कहा, "मालिक, इस हार से हमारा जीवन नहीं बदलेगा। अगर आप झोंपड़ी के पास थोड़ी जमीन दे दें, तो हम एक पक्की कोठरी बना सकें।" जमींदार उसकी सूझबूझ से प्रभावित हुआ और कहा, "जग्गू को जमीन भी मिलेगी, और यह हार भी तुम्हारा ही है।" इस तरह, बहू ने अपने धैर्य, समझदारी और मेहनत से न केवल घर को सँवारा, बल्कि पूरे परिवार की किस्मत बदल दी।

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Jun 22, 2025
bahut hi Sundar Kahani 👌 Kahte hai... Naari Ghar ko Swarg Banata hai or Nark bhi...! Eeise Sundar or buddhimatta Naari ke Ghar Swarg ban gaya...!! Dhanyawad 🙏

Rama Devi Sahu
Jun 22, 2025
Bahut hi Kahani 👌👌 Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna 🙏 Subha Sakal ka Subha Abhinandan 🙏🌹🌹
