
SHREE SHARMA
71 days ago
🍁 शरीर में पञ्चमहाभूत एवं उनके भेद 🍁 --------------- 🔸 आकाश के पाँच भेद 🔸 "अथाकाशोऽन्तःकरणमनोबुद्धिचित्ताहंकाराः।" १) अन्तःकरण २) मन ३) बुद्धि ४) चित्त ५) अहंकार 🔹 अन्तःकरण के विषय 🔹 १) अन्तःकरण — ज्ञान २) मन — संकल्प-विकल्प ३) बुद्धि — निश्चय ४) चित्त — अनुसंधान (स्मृति) ५) अहंकार — अहंभाव ━━━━━━━━━━ 🔸 वायु के पाँच भेद 🔸 "वायुः समानोदानव्यानापानप्राणाः।" १) समान २) उदान ३) व्यान ४) अपान ५) प्राण 🔹 पञ्चप्राणों के कार्य 🔹 १) समान — संतुलन एवं पाचन-समन्वय २) उदान — ऊर्ध्वगमन ३) व्यान — सम्पूर्ण शरीर में शक्ति एवं रक्त का प्रवाह ४) अपान — अधोगमन एवं निष्कासन ५) प्राण — श्वास-प्रश्वास ━━━━━━━━━━ 🔸 अग्नि के पाँच भेद 🔸 "वह्निः श्रोत्रत्वक्चक्षुर्जिह्वाघ्राणानि।" १) श्रोत्र (कर्ण) २) त्वचा ३) चक्षु (नेत्र) ४) जिह्वा ५) घ्राण (नासिका) ━━━━━━━━━━ 🔸 जल के पाँच भेद 🔸 "आपः शब्दस्पर्शरूपरसगन्धाः।" १) शब्द २) स्पर्श ३) रूप ४) रस ५) गन्ध ━━━━━━━━━━ 🔸 पृथ्वी के पाँच भेद 🔸 "पृथिवी वाक्पाणिपादपायूपस्थाः।" १) वाक् (वाणी) २) पाणि (हस्त) ३) पाद (चरण) ४) पायु ५) उपस्थ ━━━━━━━━━━ 📜 सूक्ष्म शरीर के धर्म 📜 "क्षुत्पिपासान्ध्यबधिर्यकामक्रोधादयोऽखिलाः। लिङ्गदेहगता एते ह्यलिङ्गस्य न सन्ति हि।।" १) भूख २) प्यास ३) अन्धापन ४) बहरापन ५) काम ६) क्रोध आदि ये सभी धर्म सूक्ष्म (लिङ्ग) शरीर के हैं, आत्मा के नहीं। ━━━━━━━━━━ 📜 कारण शरीर के धर्म 📜 "जडत्वप्रियमोदत्वधर्माः कारणदेहगाः। न सन्ति मम नित्यस्य निर्विकारस्वरूपिणः।।" १) जड़ता २) प्रियता ३) आनन्द ये कारण शरीर के धर्म हैं, नित्य एवं निर्विकार आत्मा के नहीं। ━━━━━━━━━━ 🕉 स्थूल शरीर के धर्म 🕉 १) ब्राह्मणत्व, क्षत्रियत्व आदि वर्ण २) कुल ३) गोत्र ४) नाम ५) रूप-सौन्दर्य ६) जाति ━━━━━━━━━━ 🕉 सूक्ष्म शरीर के धर्म 🕉 १) भूख २) प्यास ३) अन्धापन ४) बहरापन ५) काम ६) क्रोध आदि ━━━━━━━━━━ 🕉 कारण शरीर के धर्म 🕉 १) जड़ता २) प्रियता ३) आनन्द ॥ इति ॥

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