
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
185 days ago
अक्सर लोग डिग्री और करियर की दौड़ में इतने मशरूफ हो जाते हैं कि वे उन जड़ों को ही भूल जाते हैं जिन्होंने उन्हें सींचा है। शिक्षा का असली मकसद केवल पैसा कमाना या पद हासिल करना नहीं है, बल्कि संस्कार और विनम्रता सीखना भी है। अगर पढ़ाई हमें अपनों का सम्मान करना नहीं सिखाती, तो वैसी शिक्षा का कोई मोल नहीं रह जाता। यहाँ कुछ बातें हैं जो हमें हमेशा याद रखनी चाहिए: * अनुभव का सम्मान: हमारे पिता के पास भले ही आधुनिक डिग्री न हो, लेकिन उनके पास 'ज़िंदगी' का वो तजुर्बा है जो किसी किताब में नहीं मिलता। * नींव की अहमियत: हम आज जिस मुकाम पर हैं, वहाँ तक पहुँचने के लिए उन्होंने अपनी कितनी ख्वाहिशों का गला घोंटा होगा, इसका अंदाज़ा लगाना भी मुश्किल है। * सफलता और सादगी: दुनिया के सामने आप कितने भी बड़े 'साहब' बन जाएं, घर में आप वही बच्चे रहते हैं जिन्हें चलना आपके पिता ने सिखाया था। बड़प्पन ओहदे से नहीं, बल्कि व्यवहार से झलकता है। पिता के सामने सर झुका कर रहना कमजोरी नहीं, बल्कि अच्छे परवरिश की निशानी है।
Comments (2)

प्रेम कुमार
Feb 26, 2026
🌹🌹 बहुत बहुत सुन्दर 🌹🌹 धन्यवाद
