
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
256 days ago
*अमृत कलश* *"प्रभु के भी बन जाओ"* 〰️〰️〰️🐂🐂〰️〰️〰️ *🌞इस मानव जीवन में भौतिक सम्बंधों के साथ-साथ प्रभु से भी कोई न कोई सम्बंध अवश्य स्थापित होना ही चाहिए। प्रभु तो बड़े दयालु एवं कृपालु हैं। जीव किसी भी भाव से एक बार उनकी शरण में आ जाए फिर उसके कल्याण में कोई संशय नहीं रह जाता है। जिस प्रकार गंगा जी में मिलते ही सामान्य जल भी गंगा जैसा पवित्र हो जाता है, ठीक इसी प्रकार जीव तभी तक अपवित्र है, जब तक वह ईश्वर से सम्बंध नहीं रखता है।* *🌞 परमात्मा से सम्बंध होते ही जीव भी भगवद् स्वरूप ही हो जाता है। शास्त्रों और महापुरुषों का मत है कि वैर से, द्वेष से, भय से, किसी कामना से अथवा प्रेम से किसी भी भाव से हमारा चित्त बस कैसे भी प्रभु में लग जाए। ईश्वर से कुछ न कुछ सम्बंध अवश्य बनाओ। यदि अर्जुन की तरह मित्र नहीं बना सकते हो तो दुर्योधन की तरह शत्रु भी बना लोगे तो भी हमारा कल्याण निश्चित है-..!!!* *🌻 जय माता दी 🌻🙏*
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