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श्रीनाथजी की दाढ़ी में जो हीरा है, वह औरंगजेब की माँ ने भेंट किया था। एक कथा के अनुसार, औरंगजेब ने श्रीनाथजी की मूर्ति को तोड़ने की कोशिश की, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाया। इसके बाद, उसकी माँ ने हीरा श्रीनाथजी की दाढ़ी में सुशोभित करने के लिए अर्पित किया, जिससे उनकी नेत्र ज्योति वापस आ गई ¹। यह हीरा श्रीनाथजी की ठोढ़ी पर सुशोभित है, और यह एक पवित्र और पूजनीय वस्तु है। श्रीनाथजी की मूर्ति मूल रूप से गोवर्धन पहाड़ी से प्रकट हुई थी, और बाद में इसे नाथद्वारा में स्थापित किया गया था श्रीनाथजी भगवान कृष्ण का एक रूप हैं, जिन्हें वैष्णव परंपरा में बहुत पूजनीय माना जाता है। श्रीनाथजी की मूर्ति लगभग 7 फीट ऊंची है, और यह श्यामवर्णी है। उनकी दाढ़ी में सुशोभित हीरा, जिसे 'अकबर का हीरा' भी कहा जाता है, एक पवित्र और पूजनीय वस्तु है। श्रीनाथजी की पूजा मेवाड़ के राजाओं द्वारा की जाती थी, और बाद में यह परंपरा राजसमंद के राजाओं ने अपनाई। श्रीनाथजी का मंदिर नाथद्वारा में है, जो राजस्थान के उदयपुर जिले में स्थित है। श्रीनाथजी के बारे में एक और दिलचस्प बात यह है कि उनकी मूर्ति को हर दिन नए कपड़े पहनाए जाते हैं, और उन्हें 8 बार भोजन कराया जाता है। श्रीनाथजी के दर्शन करने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं।

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