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महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर, भगवान शिव और पार्वती के पवित्र मिलन की कथा बहुत ही रोचक है। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित त्रियुगीनारायण गांव में भगवान शिव और पार्वती का विवाह हुआ था। यह स्थान शिव-पार्वती विवाह स्थल के रूप में जाना जाता है और यहां त्रियुगीनारायण मंदिर इस पवित्र विवाह का गवाह है ¹ ² ³। इस मंदिर में एक अखंड अग्नि जल रही है, जिसे विवाह के समय जलाई गई थी। कहा जाता है कि इसी पवित्र अग्नि के सामने भगवान शिव और पार्वती ने सात फेरे लिए थे। यहां तीन जलकुंड भी हैं - रुद्रकुंड, विष्णुकुंड और ब्रह्मकुंड, जहां देवताओं ने विवाह से पहले पवित्र स्नान किया था ¹ ²। जय भोले नाथ जी 🙏🏼

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Comments (2)

Lal  Singh 🇮🇳🇮🇳

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳

Feb 13, 2026

हर हर महादेव जी 🙏🏼

रामलालभट्ट

रामलालभट्ट

Feb 13, 2026

हर हर महादेव।