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ब्रह्ममुहूर्त में यदि आँखें स्वतः खुल जाएँ, तो यह प्रभु की विशेष कृपा होती है। ऐसे पावन क्षण में सबसे पहले श्री रामलला के श्री चरणों में प्रणाम कर दिन की मंगलमय शुरुआत करें। सबके पालनहार, करुणामय, धर्म और मर्यादा के प्रतीक श्री रामलला सरकार के दिव्य और अलौकिक दर्शन से मन, बुद्धि और जीवन पवित्र हो जाता है। कोसल्यानन्दनं रामं लक्ष्मणानुजसंयुतम्। सीतासमेतं वन्देऽहं रघुनाथं नमाम्यहम्॥ जय श्री राम 🚩🙏 शुभप्रभात जी 🙏

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