
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
229 days ago
`सुंदरकांड सीरीज: भाग 8` `शरण में आए का त्याग न करना` *चौपाई:* > "शरणागत कहुँ जे तजहिं निज अनहित अनुमानि। > ते नर पावँर पापमय तिन्हहि बिलोकत हानि॥" *अर्थ:* ```श्री राम कहते हैं कि जो मनुष्य अपने अहित की आशंका करके शरण में आए हुए का त्याग कर देते हैं, वे क्षुद्र और पापमय होते हैं। उन्हें देखना भी पाप है।``` *जीवन सूत्र:* ```यदि कोई अपनी गलती मानकर या मदद की उम्मीद में आपकी शरण में आए, तो उसकी रक्षा करना ही सबसे बड़ा धर्म है। दयालुता ही मनुष्य का असली आभूषण है।``` जय श्री राम! 🙏

Comments (2)

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
Jan 13, 2026
जय सिया राम जी! 🙏🌟 शुभ संधेया वंदन जी! 🌅🙏 भगवान राम की कृपा और आशीर्वाद आप पर सदा बना रहे। आपको सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति हो। 🙏💖 जय श्री राम! 🙏🌟 शुभ रात्रि! 🌃💫

Radhe Radhe
Jan 13, 2026
‼️शुभ संध्या मंगलवार की हार्दिक शुभकामनाएं। जय बजरंगबली। जय श्री राम।जी‼️
