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🌤️ *दिनांक - 26 जून 2026* 🌤️ *दिन - शुक्रवार* 🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)* 🌤️ *शक संवत -1948* 🌤️ *अयन - दक्षिणायन* 🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु* 🌤️ *मास - ज्येष्ठ* 🌤️ *पक्ष - शुक्ल* 🌤️ *तिथि - द्वादशी रात्रि 10:22 तक तत्पश्चात त्रयोदशी* 🌤️ *नक्षत्र - विशाखा शाम 07:16 तक तत्पश्चात अनुराधा* 🌤️ *योग - सिद्ध सुबह 11:39 तक तत्पश्चात साध्य* 🌤️*राहुकाल - सुबह 11:01 से दोपहर 12:42 तक* 🌤️ *सूर्योदय - 06:00* 🌤️ *सूर्यास्त - 07:22* 👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे* 🚩*व्रत पर्व विवरण- चम्पक द्वादशी* 💥*विशेष- द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩 🌷 *शनिप्रदोष व्रत* 🌷 🙏🏻 *हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 27 जून, शनिवार को शनिप्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। प्रदोष पर व्रत व पूजा कैसे करें और इस दिन क्या उपाय करने से आपका भाग्योदय हो सकता है, जानिए…* 👉🏻 *ऐसे करें व्रत व पूजा* 🙏🏻 *- प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान शंकर, पार्वती और नंदी को पंचामृत व गंगाजल से स्नान कराएं।* 🙏🏻 *- इसके बाद बेल पत्र, गंध, चावल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची भगवान को चढ़ाएं।* 🙏🏻 *- पूरे दिन निराहार (संभव न हो तो एक समय फलाहार) कर सकते हैं) रहें और शाम को दुबारा इसी तरह से शिव परिवार की पूजा करें।* 🙏🏻 *- भगवान शिवजी को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाएं। आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं।* 🙏🏻 *- भगवान शिवजी की आरती करें। भगवान को प्रसाद चढ़ाएं और उसीसे अपना व्रत भी तोड़ें।उस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।* 👉🏻 *ये उपाय करें* *सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को अर्ध्य देें। पानी में आकड़े के फूल जरूर मिलाएं। आंकड़े के फूल भगवान शिवजी को विशेष प्रिय हैं । ये उपाय करने से सूर्यदेव सहित भगवान शिवजी की कृपा भी बनी रहती है और भाग्योदय भी हो सकता है।*

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