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💫🕉️ *तनाव परिस्थिति में नहीं है। यह स्वयं को प्रबंधित करने की अक्षमता है। जीवन में इतना तनाव क्यों है? ऐसा इसलिए है क्योंकि हम अच्छे जीवन स्तर पर जीने के बजाय अच्छे जीवन स्तर पर बहुत अधिक ध्यान देते हैं। प्यार, सम्मान और अपमान एक निवेश की तरह हैं, जो भी हम दूसरों को देते हैं, वह हमें ब्याज सहित वापस अवश्य मिलता है। चाहे वह सूर्य की किरण हो या आशा की, यह जीवन के सभी अंधकार को दूर कर देती है।* *प्रशंसा मधुर होती है, इसकी चाहत कभी कम नहीं होती। सत्य कड़वा होता है। हर कोई इसे पचा नहीं पाता। कुछ ने कहा, कुछ ने सहा, और कुछ कहते ही रह गए। "मैं सही, तुम गलत" के खेल में अनगिनत रिश्ते टूट गए हैं...जय श्री राम जी की* 💫🌹 *जय श्री राम * 🌹💫 प्यारे आदरणीय सज्जनो नमस्कार, शनिवार का दिन मंगलमय हो 💫💫🌹💫💫🙏*

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