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कोशिका विभाजन (Cell Division) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक 'जनक' कोशिका (Parent Cell) विभाजित होकर दो या दो से अधिक नई 'संतति' कोशिकाओं (Daughter Cells) का निर्माण करती है। यह जीवन की निरंतरता के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। मुख्य रूप से कोशिका विभाजन दो प्रकार का होता है: 1. समसूत्री विभाजन (Mitosis) यह विभाजन हमारे शरीर की सामान्य कोशिकाओं (Somatic Cells) में होता है। इसका मुख्य उद्देश्य शरीर की वृद्धि और मरम्मत करना है। * परिणाम: एक कोशिका से दो समान कोशिकाएं बनती हैं। * डीएनए: नई कोशिकाओं में गुणसूत्रों (Chromosomes) की संख्या जनक कोशिका के बराबर ही रहती है। * उदाहरण: चोट लगने पर घाव का भरना या लंबाई का बढ़ना। 2. अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) यह विभाजन केवल प्रजनन कोशिकाओं (जैसे शुक्राणु और अंडे) में होता है। इसका उद्देश्य प्रजनन है। * परिणाम: एक कोशिका से चार नई कोशिकाएं बनती हैं। * डीएनए: नई कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है। ताकि जब शुक्राणु और अंडा मिलें, तो नई संतान में गुणसूत्रों की संख्या फिर से सामान्य हो सके। * विविधता: इसी विभाजन के कारण बच्चे अपने माता-पिता से थोड़े अलग दिखते हैं। कोशिका विभाजन के मुख्य चरण (The Cell Cycle) विभाजन की प्रक्रिया कुछ व्यवस्थित चरणों में पूरी होती है: * Interphase: कोशिका विभाजन के लिए तैयार होती है और अपने डीएनए की नकल (Replication) बनाती है। * Prophase: गुणसूत्र स्पष्ट दिखाई देने लगते हैं। * Metaphase: सभी गुणसूत्र कोशिका के बीच में एक लाइन में जमा हो जाते हैं। * Anaphase: गुणसूत्रों के जोड़े अलग होकर विपरीत दिशाओं में खिंचते हैं। * Telophase & Cytokinesis: कोशिका दो अलग-अलग हिस्सों में बंट जाती है। यह क्यों जरूरी है? * विकास: एक भ्रूण से पूरा इंसान बनने के लिए खरबों बार विभाजन होता है। * नवीनीकरण: हमारे शरीर में हर सेकंड लाखों कोशिकाएं मरती हैं और नई बनती हैं (जैसे त्वचा की कोशिकाएं)। आप सीधे "Hayflick Limit" (हेफ्लिक सीमा) की बात कर रहे हैं। सेल डिवीजन और मौत के बीच का संबंध बहुत गहरा है। इसे आप इस तरह समझ सकते हैं: 1. सेल डिवीजन की एक सीमा है इंसानी शरीर की कोशिकाएं अनलिमिटेड बार विभाजित नहीं हो सकतीं। औसतन, एक कोशिका 50 से 70 बार ही विभाजित हो पाती है। इसके बाद वह रुक जाती है और मर जाती है। इसे ही 'हेफ्लिक लिमिट' कहते हैं। 2. टेलोमियर्स (Telomeres) - उम्र की घड़ी हर बार जब कोशिका विभाजित होती है, तो उसके डीएनए के सिरों पर मौजूद सुरक्षा कवच, जिन्हें टेलोमियर्स कहते हैं, थोड़े छोटे हो जाते हैं। * बचपन में: टेलोमियर्स लंबे होते हैं, कोशिकाएं तेजी से नई बनती हैं। * बुढ़ापे में: टेलोमियर्स इतने छोटे हो जाते हैं कि कोशिका अब और विभाजित नहीं हो सकती। * नतीजा: जब पुरानी कोशिकाएं मरती हैं और नई कोशिकाएं नहीं बन पातीं, तो अंग (Organs) काम करना बंद कर देते हैं। इसी को हम 'प्राकृतिक मौत' कहते हैं। 3. अगर कोशिका विभाजन न रुके तो? (कैंसर) आपके मन में आ सकता है कि "क्या होगा अगर कोशिकाएं विभाजित होती ही रहें?" प्रकृति ने इसे रोकने के लिए ही यह 'लिमिट' बनाई है। अगर कोशिकाएं बिना नियंत्रण के विभाजित होने लगें, तो उसे कैंसर कहते हैं। कैंसर कोशिकाएं "अमर" होने की कोशिश करती हैं, लेकिन वे शरीर के बाकी सिस्टम को तबाह कर देती हैं। निष्कर्ष तो असल में, मौत एक सुरक्षा तंत्र (Safety Mechanism) भी है। शरीर पुरानी और खराब हो चुकी कोशिकाओं को हटाकर नई कोशिकाएं बनाने की कोशिश करता है, लेकिन एक वक्त के बाद यह 'कॉपी' बनाने की मशीन थक जाती है। > दिलचस्प तथ्य: वैज्ञानिकों ने 'Turritopsis dohrnii' नाम की एक जेलीफिश खोजी है जो अपने सेल्स को बार-बार 'रिसेट' कर सकती है। इसे "अमर जेलीफिश" कहा जाता है। >

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