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बिल्लियाँ "मल्टीटास्किंग" की उस्ताद लगती हैं, लेकिन असल में उनकी फुर्ती और दक्षता के पीछे करोड़ों सालों का विकास (evolution) और गजब की इंजीनियरिंग है। यहाँ कुछ कारण दिए गए हैं कि वे इतनी कुशल क्यों होती हैं: 1. सुपरफास्ट रिफ्लेक्स (The Righting Reflex) बिल्लियों के पास एक जन्मजात "राइटिंग रिफ्लेक्स" होता है। अगर वे गिरती हैं, तो उनका आंतरिक कान (inner ear) और उनकी रीढ़ की हड्डी मिलकर हवा में ही उनके शरीर को घुमा देते हैं ताकि वे हमेशा अपने पंजों पर लैंड करें। यह काम वे पलक झपकते ही कर लेती हैं। 2. लचीला कंकाल (Flexible Skeleton) बिल्लियों की रीढ़ की हड्डी में इंसानों की तुलना में बहुत अधिक कशेरुक (vertebrae) होते हैं। * उनकी हंसली (collarbone) जुड़ी हुई नहीं होती, जिससे वे बहुत संकीर्ण जगहों से निकल सकती हैं। * यह लचीलापन उन्हें दौड़ने, कूदने और एक ही समय में मुड़ने की अनुमति देता है। 3. सेंसरी ओवरलोड को संभालने की क्षमता एक बिल्ली एक ही समय में कई काम कर रही होती है: * सुनना: उनके कान 180 डिग्री तक घूम सकते हैं और चूहे की सरसराहट जैसी अल्ट्रासोनिक आवाजें सुन सकते हैं। * देखना: उनकी रात में देखने की क्षमता (Night vision) गजब की होती है। * महसूस करना: उनकी मूंछें (Whiskers) हवा के दबाव में बदलाव को महसूस कर लेती हैं, जिससे उन्हें अंधेरे में भी रास्ता मिल जाता है। 4. शिकार करने वाली मशीन बिल्लियों का दिमाग शिकार के लिए "हार्डवायर्ड" है। वे एक ही समय में घात लगा सकती हैं, दूरी का सटीक अनुमान लगा सकती हैं (Depth perception) और ऊर्जा बचाकर अचानक हमला कर सकती हैं। > मजेदार बात: जिसे हम बिल्ली का "आलस" समझते हैं, वह असल में उनकी ऊर्जा संचय (Energy conservation) की तकनीक है ताकि जब जरूरत पड़े, तो वे 100% मल्टीटास्किंग मोड में आ सकें! >

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