MyMandirInstall

*मुंडेश्वरी माता मंदिर - रक्तविहीन बलि की अद्वितीय परंपरा 🛕* बिहार के कैमूर जिले में स्थित माँ मुंडेश्वरी मंदिर देश के अत्यंत प्राचीन मंदिरों में से एक माना जाता है. श्रुतियों के अनुसार इस मंदिर का मूल स्वरूप लगभग 2600 वर्ष प्राचीन है और यह भारत का प्रथम अष्टकोणीय मंदिर है. इस मंदिर की सबसे विशेष परंपरा है रक्तविहीन बलि की. मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धालु बकरे को मंदिर लाते हैं. विधिवत पूजा के बाद बकरे को माता के चरणों में लिटाया जाता है, जिससे वह कुछ क्षणों के लिए मूर्छित हो जाता है. पुजारी द्वारा अक्षत और पुष्प छिड़कते ही बकरा पुनः उठ खड़ा हो जाता है और श्रद्धालु उसे जीवित ही अपने घर ले जाते हैं. *मेरी संस्कृति…मेरा देश…मेरा अभिमान 🚩*

Post media

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!