
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
233 days ago
॥श्री हनुमते नम:॥ अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं। दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्॥ सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं। रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि॥ भावार्थ:- अतुल बल के धाम, सोने के पर्वत के समान शरीर वाले, दैत्य रूपी वन के लिए अग्नि रूप, ज्ञानियों में अग्रगण्य, संपूर्ण गुणों के निधान, वानरों के स्वामी, श्री रघुनाथजी के प्रिय भक्त पवनपुत्र श्री हनुमान्जी को मैं प्रणाम करता हूँ| 🌷‼️जय श्री हनुमान‼️🌷

Comments (2)

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
Jan 10, 2026
जय सिया राम जी 🙏

आर ऐन सोनी
Jan 10, 2026
जय श्रीराम सुप्रभात वन्दन
