
SHREE SHARMA
441 days ago
क्षौणीपतित्वमथवैकमकिञ्चनत्वं नित्यं ददासि बहुमानमथापमानम् । वेकुण्ठवासमथ वा नरके निवासं हा वासुदेव ! मम नास्ति गतिस्त्वदन्या।। है भगवन् ! आप मुझे पृथिवीपति बना दीजिये, चाहे परम दरिद्र । नित्य सम्मान प्रदान कीजिये, अथवा अपमान । चाहे वैकुण्ठ मेँ वास दीजिये, या नरक में फेंक दीजिये। परन्तु, हे वासुदेव ! यह स्मरणमें रहे कि आपसे भिन्न मेरी तो और कोई गति नहीं है ॥ 🌸🌸🌸🌸🌸 ॐ नमो नारायणाय 🌸🌸🌸🌸🌸

Comments (1)

Rama Devi Sahu
Jun 15, 2025
Om Namo Bhagavate Vasudevaya Namah 🙏🌹🌹
