
Rama Devi Sahu
433 days ago
🙏‼️ Jai Shree Ram ‼️🙏 Dt.23.Jun.2025 (Monday) ************************** 🙏🙏 **" Shri Ram Katha"**🙏🙏 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 श्रीराम से जुड़ी केवट की कथा: श्रद्धा का अदभुत बंधन🙏🙏♥️🙏🙏 वनवास के दौरान, जब भगवान राम, सीता और लक्ष्मण के साथ गंगा नदी के तट पर पहुँचे, तो उन्हें नदी पार करने के लिए एक नाव की आवश्यकता पड़ी। वहाँ केवट नामक एक मल्लाह था, जो अपनी नाव से लोगों को पार उतारता था। केवट ने राम, लक्ष्मण और सीता को पहचान लिया। उसने सुन रखा था कि राम के चरणों की धूल में इतनी शक्ति है कि पत्थर भी स्त्री बन जाता है (अहिल्या की कथा)। उसे डर था कि कहीं उसकी लकड़ी की नाव राम के चरणों के स्पर्श से स्त्री न बन जाए और फिर वह अपना जीवनयापन कैसे करेगा। अपनी इसी चिंता को लेकर, केवट ने भगवान राम से प्रार्थना की कि वह उन्हें तभी पार उतारेगा जब उन्हें उनके चरण धोने की अनुमति मिलेगी। केवट ने कहा, "प्रभु, आपकी चरण-धूलि के स्पर्श से पत्थर नारी बन गया, मेरी नाव तो लकड़ी की है, यदि यह भी नारी बन गई तो मेरा जीवन कैसे चलेगा? मैं आपको तभी पार उतारूंगा जब मुझे आपके चरण धोने की अनुमति मिलेगी।" राम उसकी भक्ति और भोलेपन को समझ गए और मुस्कुराते हुए उसे अपने चरण धोने की अनुमति दे दी। केवट ने बड़े प्रेम और श्रद्धा से राम, लक्ष्मण और सीता के चरण धोए, और उस चरणामृत को पीकर स्वयं को धन्य माना। फिर उसने उन्हें अपनी नाव में बैठाकर गंगा पार कराई। नदी पार करने के बाद, जब सीता मैया ने केवट को उसके परिश्रम के बदले अपनी अंगूठी देनी चाही, तो केवट ने उसे लेने से मना कर दिया। उसने कहा, "प्रभु, मैं आपको भवसागर से पार उतारने का काम करता हूँ, आप मुझे इस जीवन रूपी भवसागर से पार उतार दीजिएगा। यही मेरा मेहनताना है।" भगवान राम केवट की निस्वार्थ भक्ति से इतने प्रसन्न हुए कि उन्होंने उसे गले लगा लिया और उसे मोक्ष का आशीर्वाद दिया। ये कथाएं दर्शाती हैं कि भगवान राम किसी की जाति, धन या सामाजिक स्थिति नहीं देखते, बल्कि केवल उसके हृदय की शुद्धता और सच्ची भक्ति को महत्व देते हैं। 🙏🙏
Comments (2)

RAKESH SHARMA OM NAMH SHIVAY 🥀🚩
Jun 23, 2025
ॐ नमः शिवाय 🙏🚩

SHREE SHARMA
Jun 23, 2025
जय श्री राम जी
