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SHREE SHARMA

433 days ago

वन्दे बोधमयं नित्यं गुरुं शंकररूपिणम्‌। यमाश्रितो हि वक्रोऽपि चन्द्रः सर्वत्र वन्द्यते॥ ज्ञान स्वरूप, अविनाशी स्वरूप, गुरु स्वरूप श्री शंकर जी की मैं वन्दना करता हूँ, जिनके आश्रित होने से ही अपूर्ण चन्द्रमा की भी सदैव वन्दना होती है हर हर महादेव 🙏🙏 जय सियाराम 🙏

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